फुटबॉल पर निबंध |Essay on Football in Hindi

फुटबॉल पर निबंध

फुटबॉल पर निबंध |Essay on Football in Hindi

आज हमारे बीच अनेक खेलों का प्रचलन है; यथा-हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, वॉलीबॉल, टेनिस आदि। इनमें फुटबॉल का खेल सर्वाधिक लोकप्रिय है। पूरी दुनिया में फुटबॉल की बढ़ती लोकप्रियता को देखकर एक मार्क्सवादी लेखक तारिक अली ने कहा है, “यदि धर्म से भी बढ़कर जनता के लिए कोई नशीली चीज है, तो वह फुटबॉल है।” 

फुटबाल खेल की शुरुआत कब और कहां से हुई, इसका निश्चित प्रमाण नहीं मिलता। कहा जाता है कि इंग्लैंड और स्कॉटलैंड फुटबॉल की जन्म स्थली रही है। हमारे यहां द्वापर युग में ही कन्हैया द्वारा कालिंदी कुंज में कंदुक खेलने की बात आई है। लेकिन आज तो हमारे देश में फुटबॉल का खेल शहरों से लेकर सुदूर देहातों तक अपना पैर जमाए हुए है। 

फटबॉल की गेंद चमडे की बनी होती है, जिसके भीतर रबड के ब्लाडर में हवा भरी जाती है। फुटबॉल का खेल 100 गज लंबे और 60 गज चौड़े मैदान में खेला जाता है। मैदान के बीच में एक सीधी रेखा खींची जाती है, जिसे ‘सेंटर लाइन’ कहा जाता है। इस सेंटर लाइन की एक ओर एक टीम के खिलाड़ी तथा दूसरी ओर दूसरी टीम के खिलाड़ी रहते हैं। 

प्रत्येक टीम में खिलाड़ियों की संख्या 11-11 होती है। इनमें एक गोलकीपर, दो फुलबैक, तीन हाफबैक और पांच सेंटर फॉरवर्ड खिलाड़ी होते हैं। इसी में एक कप्तान भी होता है, जो टीम का नेतृत्व करता है। खेल में एक रेफरी होता है। उसी की देखरेख में फुटबॉल खेला जाता है। रेफरी का निर्णय दोनों टीमों को मानना पड़ता है। मैदान में सीमा रेखाओं पर गेंद पकड़ने के लिए दो लाइंसमैन रखे जाते हैं। इसके अलावा दोनों गोलपोस्टों के एक-एक गोल जज रहते हैं, जो गोल हो जाने के संबंध में रेफरी को सूचित करते हैं। 

यह खेल प्रायः 90 मिनट का होता है। खेल के मध्यकाल में 10 मिनट के लिए विश्राम का समय दिया जाता है। विश्राम के बाद दोनों टीमें मैदान के छोर को परस्पर बदलकर फिर से खेलने लगती हैं। साधारणतया हमारे देश में यह खेल जून से दिसंबर माह के बीच संध्या के समय ही खेला जाता है। इस खेल के अपने नियम हैं। गोलकीपर के अलावा कोई दूसरा खिलाड़ी गेंद को हाथ से नहीं छू सकता। गेंद छू देने पर फाउल दिया जाता है। इसके अलावा फुटबॉल खेल के कई अन्य नियम भी हैं, जिनका पालन सभी खिलाड़ियों को करना पड़ता है। खेल के दौरान गेंद को गोलपोस्ट में डाल देना ‘गोल’ कहलाता है। जो टीम ज्यादा गोल करती है, वही विजयी होती है। 

फुटबॉल का खेल अत्यंत रोमांचक और आकर्षक होता है। इसमें किसी टीम के खिलाड़ी द्वारा गेंद को ‘किक’ मारते हुए गोलपोस्ट की ओर ले जाने पर सभी दर्शक उत्साहित हो उठते हैं और गोल हो जाने पर तालियां बजाकर उसको बधाई देते हैं। कभी-कभी जब दोनों टीमों के खिलाड़ी टक्कर के होते हैं, तो मैच अत्यंत संघर्षपूर्ण हो जाता है। ऐसे में दर्शक सांस लेना भी भूल जाते हैं। 

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