फिट इंडिया अभियान पर निबंध | Essay on Fit India movement in hindi

फिट इंडिया अभियान पर निबंध

फिट इंडिया अभियान पर निबंध | Essay on Fit India Movement in hindi

भारतीय प्राचीन ग्रंथों में यूँ ही नहीं कहा गया है कि- व्यायाम् लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुख। आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्।। 

अर्थात् व्यायाम से स्वास्थ्य, लम्बी आयु, बल एवं सुख की प्राप्ति होती है। निरोगी होना परम भाग्य है एवं स्वास्थ्य से अन्य सभी कार्य सिद्ध होते हैं। उपर्यत श्लोक के अतिरिक्त मी प्राचीन काल से ही भारतीय मनीषियों ने स्वास्थ्य को जीवन में वरीयता प्रदान की। प्राचीन काल से ही प्रातः काल का समय व्यायाम एवं अध्ययन के लिये रखा जाता था। स्वास्थ्य को नागरिकों हेतु महत्त्वपूर्ण मानते हुए ‘हॉकी के जादूगर’ मेज ध्यानचंद की जयंती खेल दिवस यानी 29 अगस्त, 2019 को भारतीय प्रधानमंत्री ने भारत की राजधानी नई दिल्ली में फिट इंडिया अभियान (Fit India Movement) की शुरुआत की। इस अभियान का उद्देश्य सामान्य नागरिकों को खेल एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना है। इस अभियान के अन्तर्गत सरकार द्वारा निम्नलिखित कदम उठाये जाएंगे 

1.सामान्य नागरिकों के मस्तिष्क में फिटनेस के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-2 इसको सामान्य जीवन में शामिल करने के लिये प्रोत्साहित किया जायेगा।

2.इस महत्त्वपूर्ण अभियान में खेल मंत्रालय के साथ मानव संसाधन विकास मंत्रालय तथा पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय मिलकर कार्य करेंगे। 

3.केन्द्र सरकार इस अभियान को लगभग 4 वर्षों तक कार्यान्वित करेगी। शारीरिक फिटनेस को लेकर हर वर्ष अलग-2 विषयों पर अभियान चलाया जायेगा। पहले वर्ष शारीरिक फिटनेस, दूसरे वर्ष खान-पान की आदत, तीसरे वर्ष पर्यावरण के अनुकूल जीवन शैली तथा अंतिम वर्ष रोगों से दूर रहने के तरीकों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे।

4.सामान्य नागरिकों को फिटनेस के लिये जागरूक करने के लिये सरकार विभिन्न प्रचार माध्यमों का इस्तेमाल करेगी। जैसे कि सोशल मीडिया, वेब पोर्टल, ब्लॉग, मोबाइल एम, प्रिंट मीडिया एवं इलेक्ट्रानिक मीडिया आदि।

5. इस अभियान के द्वारा स्कूलों, कॉलेजों एवं यूनिवर्सिटी स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम चलाए जायेंगे।

हम सबको फिटनेस के प्रति अपने परिवार, समाज एवं देश को जागरूक करना होगा। इस तरह से यह एक सामाजिक पहल है जो हर नागरिक को खुद में समेटती है। बदले पर्यावरणीय परिदृश्य में स्वस्थ रहना बहुत बड़ी चुनौती है। एक अध्ययन के अनुसार केवल 10% भारतीय व्यायाम करते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के आंकड़ो के अनुसार भारत में दुर्लभ बीमारियों से पीडित मरीजों की संख्या पूरे विश्व की लगभग 5% है। ये एक भयावह आँकड़ा है जो भारतीयों की स्वास्थ्य की स्थिति को व्यक्त करता है। भारतीय चिकित्सक संघ के अनुसार 70% भारतीय युवा कोई व्यायाम नहीं करते जबकि 62.5% अपने खानपान पर ध्यान नहीं देते। 

इस तरह सूक्ष्मता से अध्ययन किया जाये तो मनुष्य को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है-व्यायाम। पिछले कुछ वर्षों में जो उत्साह स्वच्छ भारत अभियान के लिये बना है उसी उत्साह की आवश्यकता इस अभियान को फलीभूत करने में है। तकनीक की बहुतायत ने सामान्य नागरिकों को आलसी बना दिया है। इससे निजात पाने के लिये हमें अपनी जीवन शैली बदलनी ही होगी। और स्वस्थ राष्ट्र के माध्यम से ही हम विश्व में सिरमौर बनने का सपना पूरा कर सकते हैं। 

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