कंप्यूटर पर निबंध-Essay on Computer in Hindi

कंप्यूटर पर निबंध

कंप्यूटर पर निबंध

कंप्यूटर विज्ञान की आधुनिकतम देन है। कंप्यूटर के आविष्कार ने संसार में क्रांति मचा दी है। लगता है, विधाता ने एक ऐसी जड़-सृष्टि की रचना कर दी है, जो मनुष्य द्वारा संचालित होकर उससे कहीं अधिक तेजी से सोचती और काम करती है। कंप्यूटर ने मानव को अद्भुत गति प्रदान की है। 

समाचार पत्रों में कंप्यूटर के बारे में छपी खबरें कुछ दिनों तक कौतूहलजनक लगीं, बाद में साधारण। किंतु अब तो इतनी साधारण लगती हैं कि इन्हें पढ़कर न तो कौतूहल उत्पन्न होता है और न ही दिलचस्पी। आखिर यह कंप्यूटर है क्या बला? क्या यह मानव का प्रतिद्वंद्वी बनने वाला है अथवा उसका प्रमुख सहायक? भारत जैसी घनी आबादी वाले देश में जहां बेरोजगारी के कारण पहले ही बहुत गरीबी है-कंप्यूटर घातक होगा या हितैषी? ऐसे प्रश्न कंप्यूटर के बढ़ते हुए उपयोग से सामान्य भारतवासियों के मन में उठने लगे हैं। 

कहीं यह कंप्यूटर 100 करोड़ की जनसंख्या वाले समाजवादी देश भारत को पूंजीवादियों की दया पर जीवित रहने को विवश तो नहीं कर देगा। ऐसी आशंकाएं सही हैं या गलत-इसका उत्तर तो भविष्य के गर्भ में ही छिपा है। फिलहाल हमें कंप्यूटर के बारे में जानना है। कंप्यूटर विज्ञान की देन है। यदि वैज्ञानिकों ने विद्युत तथा विभिन्न कल-पुर्जी का आविष्कार नहीं किया होता, तो कंप्यूटर कभी नहीं बन पाता। कंप्यूटर ने विज्ञान की उन्नति में भारी योगदान दिया है। बहुत सी ऐसी कठिन समस्याएं हैं, जिन्हें मनुष्य का दिमाग आसानी से नहीं सुलझा पाता, लेकिन उन्हें कंप्यूटर तत्काल सुलझा देता है। 

कंप्यूटर’ अंग्रेजी का शब्द है, जिसका अर्थ है-प्रश्न हल करने वाला साधन। कंप्यूटर का आविष्कार अमेरिका के डॉक्टर हर्मन हॉलरिश ने सन 1949 में किया था। कंप्यूटर की रचना ठीक मानव-शरीर के समान है। मनुष्य के शरीर को कुछ प्रमुख अंगों में बांटा जाता है; यथा—सिर, छाती, पेट, हाथ और पैर। ये अंग अलग-अलग काम करते हैं। उसी प्रकार कंप्यूटर के विभिन्न अंग होते हैं, जो अलग-अलग काम करते हैं। मानव-शरीर की नाड़ियों की तरह मोटे तथा बारीक तारों का जाल पूरे कंप्यूटर में फैला और गुंथा रहता है। ऐसे में कंप्यूटर को ‘मशीनी मानव’ कहा जाता है। 

मानव हर भाषा नहीं समझ सकता। वह केवल उन्हीं भाषाओं को समझ सकता है, जो उसने सीख रखी हो। इसी प्रकार कंप्यूटर की भी अपनी एक भाषा होती है। इसलिए वह सिर्फ अपनी भाषा में दिए गए संदेश को ही समझ सकता है। किसी भी समस्या को कंप्यूटर की भाषा में अनुवाद करना पड़ता है। इस अनुवाद को ‘प्रोग्रामिंग’ अर्थात प्रोग्राम बनाना कहते हैं। 

कंप्यूटर से काम लेने वाले व्यक्ति को यह प्रोग्रामिंग खुद करना पड़ता है। प्रोग्रामिंग ही एक ऐसी चीज है, जिसकी वजह से मानव का महत्व कंप्यूटर से अधिक है। वह उससे श्रेष्ठतर है, अन्यथा हर क्षेत्र में कंप्यूटर मानव से कहीं ज्यादा श्रेष्ठ बन गया होता। इसका कारण यह है कि कंप्यूटर का दिमाग मनुष्य द्वारा भरे गए कार्यक्रम के अनुसार ही सारे जोड़-घटाव और गुणा-भाग आदि बेहद तेज रफ्तार से करता है। कंप्यूटर मनुष्य के दिमाग पर निर्भर करता है, जबकि मनुष्य कंप्यूटर की तीव्र गति पर। 

पिछले पच्चीस वर्षों में कंप्यूटर कहां से कहां पहुंच गया है। आज वह पहले जैसा विशाल और भारी-भरकम भी नहीं है। अब तो छोटे-बड़े सैकड़ों किस्म के कंप्यूटर आने लगे हैं। अलग-अलग काम करने के लिए अलग अलग कंप्यूटर बनाए गए हैं। कुछ कंप्यूटर लाखों-करोड़ों रुपये के हैं और उन्हें मात्र सरकार ही खरीद सकती है। लेकिन कुछ कंप्यूटर इतने सस्ते हैं कि उन्हें साधारण कारखाने, व्यापारिक कंपनियां एवं आम आदमी भी खरीद लेता है। कुछ कंप्यूटर आकार में इतने छोटे बनाए गए हैं कि उन्हें मशीनों, पोतों एवं रॉकेटों आदि के साथ लगा दिया जाता है, जो उनका संचालन करते हैं। 

आज दोनों प्रकार के कंप्यूटर मिलते हैं-एक, बिजली से चलने वाले और दूसरे, बैटरी से चलने वाले। बड़े-बड़े व्यापारिक संस्थान, बैंक, पोस्ट ऑफिस, आयकर विभाग, वित्त मंत्रालय, एयर कंपनियों और अन्य संस्थानों में कंप्यूटर से काम लिया जाता है। आजकल छोटे आकार के कंप्यूटर बच्चों के लिए खिलौने के रूप में तैयार किए जा रहे हैं। यूरोप, जापान और अमेरिका आदि विकसित देशों में बच्चे बहुत छोटी उम्र में ही कंप्यूटर के सारे कार्य सीखने लगते हैं। इन विकसित देशों के स्कूलों में भी कंप्यूटर का प्रयोग हो रहा है। 

हमारे देश में भी अब कंप्यूटर का प्रयोग होने लगा है। परीक्षा मंडल कंप्यूटर से परीक्षा परिणाम निकालते हैं। विद्युत प्रदाय, टेलीफोन निगम तथा व्यावसायिक संस्थान कंप्यूटर द्वारा ही बिल तैयार करते हैं। एयर इंडिया तथा रेलवे विभाग इसकी सहायता से यात्रियों का आरक्षण करते हैं। इससे समय की बचत तो होती ही है, काम भी सही होता है। विभिन्न शोध कार्यों के लिए आंकड़े इकट्ठे करने हेतु और अंतरिक्ष कार्यक्रमों के संचालन के लिए कंप्यूटर बड़ा उपयोगी सिद्ध हुआ है। किसी भी देश के विकास में कंप्यूटर का बड़ा योगदान है। 

कंप्यूटर से श्रम और समय दोनों की बचत होती है। इससे व्यक्ति अधिक से अधिक काम कर सकता है। परंतु इससे एक बड़ा खतरा यह है कि देश में बेरोजगारी फैल सकती है। यदि सभी काम कंप्यूटर से किए जाएं तो भारत जैसे विशाल जनसंख्या वाले देश में ऐसे उपाय भी खोजने होंगे, जिनसे लोग बेरोजगार न हों। इसमें संदेह नहीं कि उपायों को खोजने में भी कंप्यूटर हमारी सहायता करेगा। कंप्यूटर नये-नये काम खोजेगा, तो लोगों को भी काम मिलेगा। यदि ऐसा न किया गया, तो जो देश कंप्यूटर का धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं, वे हमसे आगे बढ़ जाएंगे और हम समय की दौड़ में पिछड़ जाएंगे। बहरहाल, कंप्यूटर ने मनुष्य को आगे बढ़ने के लिए तीव्र गति से चलने पर मजबूर कर दिया है।

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