Essay for ias exam in hindi -‘संकल्प से सिद्धि’ : नवभारत आंदोलन 

Essay for ias exam in hindi

Essay for ias exam in hindi -‘संकल्प से सिद्धि’ : नवभारत आंदोलन 

“जब 1942 में भारतवासियों ने भारत छोड़ो का नारा लगाया, तो अंग्रेजों को ठीक पांच वर्ष बाद भारत को छोड़कर जाना पड़ा। अब तो भारत हमारा है, हमारे देशवासियों का है, तो क्यों न हम ‘गंदगी भारत छोडो’. ‘आतंकवाद भारत छोडो’, ‘अशिक्षा भारत छोड़ो’ और ‘जातिवाद भारत छोड़ो’ आदि का नारा लगाएं, ताकि वर्ष 2022 तक हमें एक नया भारत मिले। 1942 में हम भारतीय ‘करेंगे या मरेंगे’ का नारा लगाते थे, पर अब हम ‘करेंगे और कर के रहेंगे’ का नारा लगाते हुए आगे बढ़ेंगे।”- नरेंद्र मोदी 

नवनिर्माण के लिए ‘संकल्प’ और ‘सिद्धि’ जैसे शब्दों का विशेष महत्त्व है। ‘संकल्प’ यानी दढ निश्चय से ही ‘सिद्धि’ यानी सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। फिर यदि नए भारत के निर्माण के लिए यह संकल्प देश के प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया हो तो ऐसे संकल्प के महत्त्व को समझा जा सकता है। इतना ही नहीं, ऐस संकल्प की ‘सिद्ध’ यानी सफलता पर भी संशय नहीं किया जा सकता है, क्योंकि संकल्पक देश का प्रधानमंत्री है और उसकी आंखों में झिलमिला रहा है एक नए भारत के निर्माण का सपना, एक सुनहरे, सजीले और रुपहले भारत के निर्माण का सपना। नवभारत 

आंदोलन के प्रणेता देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस विशाल देश का विशाल जनमानस भी संकल्पबद्ध है, नए भारत को बनता हुआ देखने के लिए। 

संकल्प से सिद्धि’ कोई योजना नहीं, बल्कि वह संकल्प है, जिसे नए भारत के निर्माण के लिए देश के प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया है। यह नए भारत के निर्माण का वह महत्वाकांक्षी आंदोलन है, जिसके तहत हमें वर्ष 2022 तक नए भारत के स्वप्न को साकार करना है। इसकी शुरुआत भी बहुत पावन अवसर (भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ) पर की गई। भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर 9 अगस्त, 2017 को देश के प्रधानमंत्री द्वारा 2017 से 2022 तक के पांच वर्षों को ‘संकल्प से सिद्धि’ के वर्षों के रूप में घोषित किया गया तथा 15 अगस्त, 2017 को ‘संकल्प दिवस’ के रूप में मनाए जाने का आह्वान किया गया। 

‘संकल्प से सिद्धि : नवभारत आंदोलन’ के लक्ष्य बहुत व्यापक हैं। इन लक्ष्यों में समूचा नया भारत समाहित है। ये लक्ष्य हैं—गरीबी मुक्त भारत, स्वच्छ भारत, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, आतंकवाद-अलगाववाद मुक्त भारत, सम्प्रदायवाद-जातिवाद मुक्त भारत, सुरक्षित भारत, समृद्ध भारत, शक्तिशाली भारत, सभी के लिए समान अवसरों वाला भारत तथा आधुनिक विज्ञान का भारत। इसके लक्ष्यों में एक लक्ष्य भारत के किसानों को खुशहाल देखना भी है, जिसके लिए वर्ष 2022 तक किसानों की आय को दोगुना करने के उपाय सुनिश्चित किए जा रहे हैं। सारतः यह कहा जा सकता है कि इन लक्ष्यों को प्राप्त कर हम उस नए भारत का निर्माण करेंगे, जो कि विकृतियों से मुक्त होगा। 

नए भारत के निर्माण के लिए बड़ी शिद्दत से पहलें की जा रही हैं। केंद्र सरकार का संसदीय कार्य मंत्रालय देशभर में 39 स्थानों पर ‘नया भारत, हम करके रहेंगे’ का आयोजन कर रहा है। इसके तहत प्रदर्शनियां एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि नए भारत के निर्माण को प्रोत्साहित किया जा सके। ‘नया भारत, हम करके रहेंगे’ 1857 से 1947 तक के देश के प्रमुख स्वतंत्रता आंदोलनों पर केंद्रित है। इसके तहत उन प्रमुख आंदोलनों को दर्शाया जा रहा है, जो ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता हासिल करने के लिए छेड़े गए। यथा- 1857 का पहला स्वतंत्रता संग्राम, चंपारण सत्याग्रह, असहयोग आंदोलन, दांडी यात्रा तथा भारत छोड़ो आंदोलन आदि। आयोजित कार्यक्रमों में इस बात की जानकारी भी दी जा रही है कि 1942 से 1947 की अवधि की स्वतंत्रता की लड़ाई के दौरान किस तरह से समूचे देश में परिवर्तन आया था। आयोजित की जा रही प्रदर्शनियों एवं कार्यक्रमों में तस्वीरों के माध्यम से जहां आजादी से पहले के भारत के संघर्ष के विविध पहलुओं को उजागर किया जा रहा है, वहीं नए भारत के संकल्प के सभी पहलुओं को भी उजागर किया जा रहा है। साथ ही केंद्र सरकार की विविध कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इस सब के अलावा नए भारत के निर्माण हेतु असाधारण अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनेकानेक संकल्पात्मक पहले विविध स्तरों पर जारी हैं। 

‘संकल्प से सिद्धि : नवभारत आंदोलन’ सकारात्मक बदलावों का वह आंदोलन है, जिसे सार्वजनिक संकल्प एवं जनभागीदारी से ही अभी तक पहुंचाया जा सकता है। ऐसा होता भी दिख रहा है। 

प्रधानमंत्री ने इसके लिए देशवासियों से कंधे-से-कंधा मिलाकर योगदान देने का आह्वान किया है, जिसका असर दिख रहा है। देशवासियों में नए भारत की, सकारात्मक एवं पारदर्शी भारत की संकल्पना दिख रही है। उनमें जागरूकता भी आ रही है। सामूहिक प्रयास भी होते दिख रहे हैं। सबसे अच्छी बात तो यह है कि सार्वजनिक संकल्प के साथ-साथ राजनीतिक चेतना भी दिख रही है। मंत्री एवं नौकरशाह दोनों नए भारत के निर्माण के लिए संकल्पबद्ध दिख रहे हैं, शपथ ले रहे हैं। हमारी लोक सभा में सभी दलों के नुमाइंदे भी वर्ष 2022 तक नए भारत के निर्माण का संकल्प ले चुके हैं। जगह-जगह आयोजित किए जा रहे कार्यक्रमों में उमंग और उत्साह की लहर देखने को मिल रही है। ये संकेत अच्छे हैं, सुखद हैं। हम उस भारत की तरफ बढ़ रहे हैं, जिसके नागरिकों, समाज, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, _शासन-प्रशासन एवं कई अन्य क्षेत्रों में आने वाले दिनों में सुधार के साथ एक खास चमक भी दिखेगी। 

वर्ष 2022 को लेकर कौतूहल जाग उठा है, क्योंकि यह नए । भारत का स्वर्णिम वर्ष होगा। यह देश के 65% युवाओं के सपनों के साकार होने का वर्ष होगा, तो अभूतपूर्व रूप से जागरूक हो रही भारतीय महिलाओं के सपनों के सच होने का वर्ष होगा। यह वर्ष स्वच्छ भारत, निर्धनता रहित भारत, भ्रष्टाचार मुक्त भारत, आतंकवाद मुक्त भारत, साम्प्रदायिकता मुक्त भारत एवं जातीयता से मुक्त भारत का होगा। यह हमारे उन स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों वाले भारत का वर्ष होगा, जो देश के लिए शहीद हो गए। सारतः यह बुराइयों एवं विकृतियों से युक्त उस नए भारत का वर्ष होगा, जो नए गगन में नए सूर्य की भांति चमकेगा। कितनी खुशनुमा होगी यह नई सुबह…। 

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