दुनिया के सात अजूबे 

दुनिया के सात अजूबे 

दुनिया के सात अजूबे 

दुनिया के सात आश्चर्यों के बारे में प्राचीन काल से लेकर अब तक लोगों की मान्यताएं बदलती रही हैं। इतिहासकार हेरोडोटस (484-425 ईसापूर्व) और कैलीमैकस(305-240 ईसापूर्व) को इसका विचार आया था। दुनिया के पुराने सात आश्चर्य थे-गीजा के पिरामिड,बेबीलोनिया का हैंगिंग गार्डन, ओलंपिया की जिअस की मूर्ति, एफेसस में आर्तेमिस का मंदिर, हैलिकार्नेसस का मकबरा, रोड्स की विशाल मूर्ति और अलेक्जेंड्रिया का प्रकाशस्तंभ| इनमें से केवल गीजा के पिरामिड अब भी मौजूद है। न्यू सेवन वंडर्स फाउंडेशन की शुरुआत 2001 में हुई, जिसमें 200 स्मारकों की सूची बनाई गई। फिर इनमें 21 फाइनलिस्ट की सूची बनी। अंत में 7 जुलाई 2007 को इन 7 विजेताओं की लिस्ट जारी की गई। 

ताजमहल 

दुनिया के सात अजूबे 

ताजमहल मुगल वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। इसका निर्माण 1653 में मुगल शहंशाह शाहजहां ने आगरा में यमुना नदी के किनारे पर करवाया था। इसके निर्माण में 320 लाख रुपए का खर्च आया था और 20 हजार कारीगरों ने इसे बनाया था। सफेद संगमरमर से बने इस मकबरे को 1983 में विश्व विरासत की सूची में शामिल किया गया था। 

चिचेन इत्जा 

अजूबा

मेक्सिको में स्थित चिचेन इत्जा माया सभ्यता का सबसे बड़ा प्राचीन स्मारक है। यह सभ्यता यहां छठी से 12वीं सदी तक  फली-फूली थी। यहां कुकुल्कान का पिरामिड,चक मूल मंदिर, हजार खंभों वाला हॉल और कैदियों का खेल का मैदान आज भी देखा जा सकता है। इसे 1988 में विश्व विरासत का दर्जा मिला था। 

रोम का कोलोसियम 

रोम का कोलोसियम 

रोम के कोलोसियम का असली नाम ‘एम्फीथिएटर फ्लावियम’ है। इसे 72 से 80 ईसवी के दौरान बनाया गया था।रोम के केंद्र में इस रंगभूमि को रोमन साम्राज्य के गौरव का जश्न मनाने के लिए बनाया गया। था। इसका डिजाइन आज भी अनूठा है। 

जॉर्डन का पेट्रा 

अरब के रेगिस्तान जॉर्डन में बसा पेट्रा करीब  2500 साल पुराना शहर है, जो नाबाटियन साम्राज्य की राजधानी था। यह चट्टानों को काटकर इमारत बनाने की अदभुत कला के लिए अपने आप में अनूठा है। नाबाटियन लोगों ने अपने शहर को बेहतरीन सुरंगों और पानी के संरक्षण की कला के अदभुत उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया था। 

क्राइस्ट द रिडीमर

ब्राजील के रियो द जनेरियो में कोर्कोवाडो की पहाड़ी पर 125 फुट ऊंची ‘क्राइस्ट द रिडीमर की विशाल प्रतिमा । है। यहां से पूरा रियो द जनेरियो दिखाई देता है। इस मूर्ति को फ्रेंच मूर्तिकार पॉल लैंडोवस्की और ब्राजील के इंजीनियर हैटर कोस्टा डी सिल्वा ने मिलकर तैयार किया है। यह मूर्ति दुनिया के सबसे प्रसिद्ध  स्मारकों में से एक है। इसका उद्घाटन 1931 में हुआ था। 

चीन की दीवार

चीन की दीवार

चीन की दीवार कई सदियों में बनकर तैयार हुई । है। ऐसा माना जाता है कि ईसा पूर्व तीसरी सदी में इसका निर्माण शुरू हुआ। इसका अधिकांश भाग मिंग शासन काल (1368 -1644) में बना है। । 

माचू-पिचू

दक्षिण अमेरिका के पेरू में एंडीज पर्वतमाला के बीच । बसा माचू पिच्चू प्राचीन इंका सभ्यता का केंद्र था। 15वीं सदी में इंकेन सम्राट पैचाक्यूटेक ने पर्वतों पर बादलों में इस शहर का निर्माण किया था। स्पेन के आक्रमणकारी यहां चेचक जैसी महामारी ले आए, जिसके कारण यह शहर पूरी तरह वीरान हो गया।

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