Disney Princess Story in Hindi | सुंदर राजकुमारी की कहानी

Disney Princess Story in Hindi

Disney Princess Story in Hindi -राजकुमारी इसाबेला

राजकुमारी इसाबेला के पिता एक राज्य के राजा थे। उनकी मृत्यु के बाद इसाबेला का भाई जूलियन सिंहासन पर बैठा। राजा जूलियन की पत्नी एक अच्छी जादूगरनी थी। वह राज्य का शासन चलाने में अपने पति की मदद करती थी। उसे कई तरह के जादुई काढ़े बनाने आते थे। वह अपने जादू से एक ही मिनट में किसी का भी झूठ पकड़ लेती थी। 

रानी को राजकुमारी इसाबेला बहुत पसंद थी। उसने उसे भी सारा जादू सिखा दिया। इस तरह इसाबेला भी जादूगरनी बन गई। वह भी तरह-तरह के जादुई प्रयोग करने लगी थी। 

एक दिन एक युवक को राजा जूलियन के पास लाया गया। उस पर इल्जाम था कि उसने सुनार की दुकान से हीरे-मोतियों से सजा एक मुकुट चुराया था। सुनार उसे खुद पकड़कर लाया था। 

राजा जूलियन ने युवक से पूछा, “तुम बाजार में क्या कर रहे थे? तुम्हारे पास यह मुकुट कहां से आया?” । 

“यह मेरा मुकुट है।” वह युवक बोला। 

सुनार ने कहा, “महाराज! इसके कपड़े देखें। क्या यह आपको इस कीमती मुकुट का मालिक लगता है?” 

रानी ने उस युवक को देखा, तो उसे लगा कि वह सच बोल रहा था। लेकिन उसके पास इस बात का कोई सबूत नहीं था। उसने इसाबेला से कहा कि वह किसी तरह सच का पता लगाए। 

राजकुमारी इसाबेला के कहने पर सुनार को वापस भेज दिया गया और इस मामले का फैसला होने तक युवक को महल में ही रहने को कहा गया। जब इसाबेला ने उस युवक से थोड़ी देर बात की, तो उसे पता चला कि वह एक पढ़ा-लिखा और समझदार युवक था। उसने सोचा कि ऐसा व्यक्ति चोर नहीं हो सकता था। उसकी बातचीत, हाव-भाव और व्यवहार से बहुत शालीनता झलक रही थी। इसाबेला ने मन ही मन एक योजना बना ली, ताकि सच और झूठ का पता लगाया जा सके।

इसके बाद उस युवक को एक कमरे में भेज दिया गया। उससे कहा गया कि वह कमरे से बाहर नहीं जा सकता। जब भोजन परोसा गया, तो इसाबेला ने उसे ऐसी शराब पिला दी कि वह झूठ नहीं बोल सकता था।

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युवक ने बताया कि वह पड़ोसी देश का राजकुमार था। वह राजकुमारी इसाबेला की सुंदरता और समझदारी के बारे में सुनकर उससे विवाह करने के लिए आया था। उसके पास बहुत से उपहार भी थे। इसाबेला ने पूछा, “क्या आप इस बात को साबित कर सकते हैं?” 

तब राजकुमार ने खिड़की के पास जाकर सीटी बजाई। परिणाम स्वरूप अंधेरे से निकलकर एक सुंदर सफेद घोड़ा सामने आ गया। घोड़े के साथ हथियारबंद चार सिपाही भी थे। सबके पास एक-एक थैला था। 

इसाबेला ने सबको महल में बुलवा लिया। सुबह उसने राजा और रानी को राजकुमार की सारी कहानी सुनाई। फिर उन सिपाहियों को बुलवाया गया। वे अपने साथ बहुत से उपहारों के अलावा राजकुमार के पिता का संदेश भी लाए थे। वे इसाबेला को अपनी बहू बनाना चाहते थे। 

राजा ने सुनार को बुलाकर पूछा कि उसने उस युवक पर झूठा इल्जाम क्यों लगाया, तो उसने शर्म के कारण अपना सिर झुका लिया। दयालु राजकुमार के कहने पर उसे माफ कर दिया गया। 

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शीघ्र ही राजकुमार और राजकुमारी इसाबेला का विवाह कर दिया गया। इस अवसर पर शाही दावत का आयोजन किया गया। राजकुमारी इसाबेला उस सुंदर मुकुट को पहनकर सारी रात नाचती रही, जो राजकुमार का था। आज उसे अपने सपनों का राजकुमार मिल गया था। 

सुंदर राजकुमारी की कहानी -राजकुमारी बॉबी

बॉबी को अपना नाम ‘रॉबर्टा’ बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था। यह भी कैसा अजीब नाम है। वह घर और स्कूल में सबसे यही कहती कि उसे बॉबी के नाम से पुकारा जाए। जब वह अठारह साल की हो गई, तब भी यह सब चलता रहा। यह नाम उसे सुनने में अच्छा नहीं लगता था, क्योंकि वह बेनिंग वर्थ के राजा और रानी की बेटी थी। 

जब भी राजा और रानी बॉबी को किसी से मिलवाते, तो वह उन्हें बताती कि उसका नाम बॉबी है। यह सुनकर राजा और रानी शर्मिंदा हो जाते। फिर वे उन्हें बताते कि राजकुमारी का असली नाम ‘रॉबर्टा’ है, लेकिन यह नाम उसे अच्छा नहीं लगता। इसलिए इसने अपना दूसरा नाम ‘बॉबी’ रख लिया है। यही नाम इसे पसंद है। 

सुंदर राजकुमारी की कहानी

राजकुमारी बॉबी में एक खराब आदत थी। वह प्रायः इधर-उधर घूमा करती थी। वह बागों में जाकर पेड़ों पर चढ़ती, तालाबों में बतखों के पीछे भागती और उनके साथ तैरती दिखाई देती। पिछली शाम जब वह भोजन A करने के लिए आई, तो उसकी हालत देखने लायक थी। वह बाग में कुत्ते के पिल्लों के साथ खेलकर आई थी। 

एक दिन शाम को बॉबी की मां ने कहा कि हमिंग के राजा और रानी उनके घर आ रहे थे। फिर उन्होंने चिंतित होते हुए कहा, “बेटी! क्या मैं यह उम्मीद कर सकती हूं कि तुम उनके सामने जरा सलीके से पेश आओगी। अच्छे और साफ कपड़े पहने रहोगी। वैसे मैंने तुम्हारे लिए एक खास पोशाक तैयार करवा रखी है। तुम उसे ही पहनकर आना और मेहमानों से बहुत प्यार और शिष्टाचार से बात करना।” । 

जब बॉबी अपने कमरे में गई, तो संतरी रंग की एक सुंदर पोशाक के साथ मेल खाती हुई सैंडिल रखी थी। वहां मोतियों की एक माला भी थी। उसने खुद को आईने में देखा, तो उसके हाथ-मुंह बहुत मैले लग रहे थे। उसके बाल बिखरे हुए थे और उनमें पत्ते फंसे हुए थे। 

सुंदर राजकुमारी की कहानी

बॉबी तुरंत स्नानगृह में चली गई और नहा-धोकर अपनी मां द्वारा दी गई पोशाक पहन ली। फिर सैंडिल और माला पहनकर खुद को आईने में देखने लगी। तभी रानी मां वहां आईं और उन्होंने उसके बाल संवारकर एक सुंदर-सा पिन लगा दिया। अब बॉबी बहुत सुंदर दिखने लगी थी। वह खुद को आईने में देखकर हैरान हो गई। 

राजकुमारी बॉबी ने अपनी मां से पूछा, जो उसे देखकर मुस्करा रही थीं, “क्या ये मैं हूं?” 

रानी मां बॉबी को अपने साथ ले गईं। राजा भी अपनी बेटी की सुंदरता देखकर बहुत खुश हुए। वे हैरानी से बोले, “अरे, क्या ये हमारी राजकुमारी है? मैं तो इसे वाकई नहीं पहचान सका।” सभी नौकर-चाकर भी बॉबी को देखकर उसकी तारीफ करने लगे। 

तब बॉबी को एहसास हुआ कि उसे हमेशा इसी तरह सज-संवरकर शालीनता से रहना चाहिए। एक राजकुमारी को यही व्यवहार शोभा देता है। । शीघ्र ही मेहमान आ गए। उनके साथ राजकुमार फिलिप भी था। हमिंग की रानी बोलीं, “यह मेरा बेटा फिलिप है।” 

सुंदर राजकुमारी की कहानी

सबसे मिलकर राजकुमार को बहुत अच्छा लगा। वह शीघ्र ही बॉबी से बातें करने लगा। डिनर के दौरान उनमें अच्छी दोस्ती हो गई थी। 

अंततः दोनों रानियों ने तय किया कि राजकुमारी बॉबी और राजकुमार फिलिप का विवाह कर देना चाहिए। फिर राजकुमार और बॉबी का विवाह कर दिया गया। सब लोग उसे राजकुमारी बॉबी के नाम से ही पुकारते रहे। बॉबी को उस नाम से छुटकारा मिल गया था, जो उसे बिल्कुल पसंद नहीं था। 

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