डायबिटीज का घरेलू नुस्खे-Diabetes ka gharelu nuskhe

Diabetes ka gharelu nuskhe

डायबिटीज का घरेलू नुस्खे-Diabetes ka gharelu nuskhe

हम जो भी मीठी चीजें खाते हैं, वे शर्करा नामक तत्व में बदलकर शरीर को गरमी पहुंचाती हैं, किंतु जब कोई व्यक्ति मधुमेह का शिकार हो जाता है, तब चीनी ठीक से हजम नहीं होती, क्योंकि ऐसे में अग्न्याशय (पैंक्रियाज) सही मात्रा में इंसुलिन नहीं बना पाता, जिससे चीनी तत्व में न बदलकर उसी रूप में पेशाब के साथ निकल जाती है। 

मधुमेह रोग के प्रारंभ होने से पहले भूख खूब लगती है, लेकिन धीरे-धीरे भूख कम हो जाती है। शरीर की त्वचा सूख जाती है तथा छूने पर खुरदरी-सी लगती है। मसूड़े सूज जाते हैं और उनसे खून रिसता है। प्यास, कब्ज, अधिक मूत्र की शिकायत, मूत्र में शर्करा, शरीर में खुजलाहट, शरीर रूखा, कमजोरी तथा वजन में कमी आदि लक्षण शरीर में प्रकट हो जाते हैं। 

मधुमेह में शरीर धीरे-धीरे कमजोर हो जाता है। यह शरीर के समस्त अंगों को बीमार कर देता है। इसका समय रहते इलाज बहुत ही जरूरी है।

डायबिटीज का घरेलू उपचार

गाजर का रस 1 कप, पालक का रस आधा कप तथा जीरा पाउडर आधा चम्मच-तीनों को मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से मधुमेह में आराम मिलता 

सुबह खाली पेट नीम की 4-5 कोमल पत्तियां चबाकर खाने से मधुमेह में लाभ होता है। 

कच्चे केले की सब्जी खाने से भी मधुमेह रोग में लाभ होता है। 

तीन माह तक प्रतिदिन करेले की सब्जी बनाकर खाने से मधुमेह में अवश्य लाभ होता है। . 

करेला मधुमेह में अमृत है। करेले के सेवन से रक्त में ग्लूकोज काफी घट जाता है। तले हुए करेले या करेले का साग खाने वाले रोगियों में भी ग्लूकोज सहनशीलता काफी मात्रा में होती है। 

मीठे का सेवन कम-से-कम करें। चावल, स्टार्च, मीठे फल, तंबाकू आदि से परहेज करें। अधिक मानसिक कार्य तथा बदहजमी से बचें। दिन में न सोएं। पानी एकसाथ न पीकर चूंट-घूट करके पिएं। 

प्रात:काल 250 ग्राम टमाटर, संतरा या जामुन नाश्ते के रूप में सेवन करें। 

डायबिटीज

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आंवले के एक चम्मच चूर्ण को भिगोकर कुछ समय तक रख दें। फिर उसे छानकर उसमें नीबू का रस निचोड़कर सुबह के समय सेवन करने से मधुमेह में राहत मिल जाती है। 

प्रतिदिन 4 ग्राम हल्दी का चूर्ण शहद में मिलाकर चाटने से मधुमेह में आराम मिलता है। 

6 ग्राम करेले का रस, 4 ग्राम बेलपत्र की चटनी, 4 काली मिर्च का पाउडर-इन सबको चने की रोटी में मिलाकर कुछ दिनों तक सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है। 

अमलतास की फली के गूदे को आग पर हल्का भून लें। फिर इसे मथकर चने के बराबर गोलियां बनाएं और दो-दो गोली प्रतिदिन रात को सोने से पहले पानी के साथ सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है। 

हरिद्रा तथा जामुन की गुठली की गीरी समान मात्रा में लेकर बारीक चूर्ण बना लें और आधा चम्मच शहद के साथ चाटें या छाछ के साथ फांक लें। मधुमेह रोग में इससे विशेष लाभ होता है। 

जामन व आम का रस समभाग मिलाकर दिन में तीन बार लगातार 1 माह तक सेवन करने से मधुमेह रोग में लाभ होता 

सिर्फ चने की रोटी ही 8-10 दिन खाई जाए, तो मूत्र में शक्कर का आना बंद हो जाता है। है। 

जौ को भूनकर आटे की तरह पीसकर रोटी बनाएं और इस रोटी को छाछ या हरी सब्जी के साथ खाएं। 

मधुमेह का घरेलू नुस्खे

2 ग्राम की मात्रा में तेजपत्ते का पाउडर दिन में तीन बार सेवन करने से मधुमेह में लाभ होता है। 

जौ का आटा पांच भाग और चने का आटा एक भाग मिलाकर रोटी बनाकर उस रोटी का सेवन करें। 

जामुन के हरे और नरम पते खूब बारीक करके 60 मिलीलीटर पानी में रगड़-छानकर प्रतिदिन सुबह दस दिन तक लगातार पिएं। इसके बाद इसे हर दो माह के बाद दस दिन लें। जामुन के पत्तों का यह रस पेशाब में शक्कर आने की शिकायत में सबसे अधिक कारगर है। 

60 ग्राम जामुन के पके फलों को 300 मिलीलीटर उबलते पानी में डालकर ढक दें। 30 मिनट बाद मसलकर छान लें। इसको तीन हिस्सों में बांटकर एक-एक मात्रा दिन में तीन बार पीने से मधुमेह के रोगी के मूत्र में शर्करा बहुत कम हो जाती है। जामुन के फलों के मौसम में कुछ समय तक सेवन करने से रोग ठीक हो जाता है। 

जामुन के फलों की गुठलियों की गीरियां छाया में सुखा लें और चूर्ण बनाकर प्रतिदिन सुबह-शाम तीन ग्राम की मात्रा में यह चूर्ण पानी के साथ फांकने से मधुमेह नष्ट होता है और अधिक मूत्र आना कम हो जाता है। यह चूर्ण 21 दिन तक सुबह-शाम अवश्य सेवन करें। 

अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार सुबह-शाम लंबी । दौड़ लगाएं। इससे बिना दवा के ही मूत्र में शक्कर 

आना बंद हो जाता है। दौड़ न सकें, तो खूब टहलें। पूरे शरीर पर तेल की मालिश करना भी लाभप्रद है। 

दो-तीन सप्ताह तक सिर्फ दही, फल और साग-सब्जियां खाने से भी मूत्र में शर्करा कम या नदारद हो जाती है। मिठाइयां खाने पर फिर से मूत्र में शर्करा जा सकती है, अतः सब्जी अधिक मात्रा में खाएं। 

हल्दी, मेथीदाना और आंवला को बराबर मात्रा में लेकर कूट-पीस लें। इस चूर्ण को सुबह, दोपहर और शाम को पानी के साथ 1-1 चम्मच सेवन करें। इससे दो महीने के भीतर मधुमेह के रोग में आराम मिल जाता है। 

दही, चौलाई, बथुआ, धनिया, पुदीना, पत्तागोभी, खीरा, ककड़ी, लौकी, बेलपत्र, नारियल, जामुन, करेला, मूली, टमाटर, नीबू, गाजर, प्याज, अदरक, छाछ, भीगे बादाम आदि मधुमेह रोग को नष्ट करते हैं और रोग को बढ़ने से रोकते हैं। 

मेथीदाने को इस तरह से भी लिया जा सकता है-2 चम्मच मेथीदाना तथा 1 चम्मच सौंफ मिलाकर कांच के गिलास में 200 मिलीलीटर पानी में रात को भिगो दें। सुबह कपड़े से छानकर पिएं। जिन व्यक्तियों को मेथी गरमी करती है, ऐसे गरम स्वभाव वालों के लिए यह सौंफ के साथ मेथी वाला नुस्खा ज्यादा कामयाब साबित होता है। 

6 ग्राम मेथीदाने दरदरे कूट लें। शाम के समय 250 मिलीलीटर पानी में भिगो दें। सुबह इसे खूब घोटकर कपड़े से छानकर बिना मीठा मिलाए पिएं। दो माह सेवन करने से मधुमेह से मुक्ति मिल जाती है। 

मधुमेह रोग की शुरुआत में अगर व्यक्ति सजग हो जाए और अपने खान-पान पर ध्यान देते हुए जामुन के 4-4 पत्ते सुबह-शाम चबाकर खाना शुरू कर दे, तो तीसरे दिन से ही मधुमेह में लाभ नजर आने लगता है। 

 

 

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