कम्प्यूटर का आविष्कार किसने किया था |Computer Ka Avishkar Kisne Kiya tha

कम्प्यूटर का आविष्कार किसने किया था

कम्प्यूटर का आविष्कार किसने किया था |Computer Ka Avishkar Kisne Kiya tha

कम्प्यूटर (Computer) आधुनिक युग का स्वरूप अतीत के जीवन से बहुत भिन्न है, जीवन शैली में आए इस परिवर्तन का श्रेय विज्ञान को जाता है, जिसने मनुष्य का जीवन बेहद सुखमय और सरल कर दिया है। विज्ञान की ऐसी ही एक देन है-कम्प्यूटर!

कम्प्यूटर को आधुनिक मानव के विकास का रीढ़-रज्जू माना गया है, जो वास्तविकता भी है। कम्प्यूटर का जन्म साढ़े तीन हजार वर्ष पूर्व माना गया है। उस समय इस यंत्र का आविष्कार स्टोन हेन्ज नामक व्यक्ति ने किया था, किन्तु उस यंत्र का ज्यादा उपयोग न हो सका और वह बीतते समय की गर्त में छिपकर रह गया। 

कम्प्यूटर  का आविष्कार किसने किया था

इसके बाद दो हजार वर्ष पूर्व ग्रीस के लोगों ने कम्प्यूटर जैसी कुछ विशेषताओं से युक्त एक यंत्र बनाया, किन्तु वह भी ज्यादा समय तक प्रचलित न रह सका। तत्पश्चात् आधुनिक कम्प्यूटर से कम समर्थ, मगर यांत्रिक रूप से काफी अच्छा गणितीय गणना करने वाला कम्प्यूटर सन् 1642 ई. में ब्लेज पास्कल ने बनाया था। उनका यह कम्प्यूटर अथवा गणितीय गणना करने वाली वह मशीन गीयर तथा पहियों पर चलती थी। इस मशीन ने उनके पिता का जोड़-घटा का काम सरल कर दिया। ब्लेज के पिता ने ब्लेज की मशीन को पेटेण्ट कराया, वह इतनी कीमती थी कि उसका ज्यादा प्रसार न हो सका। मगर इस मॉडल की प्रथम व्यवसायिक मशीन बनाने का श्रेय अमेरिका के इंजीनियर बरोज को जाता है। 

तत्पश्चात् ब्रिटिश गणितज्ञ चार्ल्स बैबेज ने जान नेपियर द्वारा आविष्कृत लघुगणक अंकों के आधार पर एक ऐसी मशीन बनाने का विचार किया, जो आज के कम्प्यूटरों का प्रारम्भिक स्वरूप थी। उन्होंने उस मशीन का आविष्कार सन् 1791 ई. में किया, इसी कारण चार्ल्स बैबेज को कम्प्यूटर का आविष्कारक कहा जाता है। 

चार्ल्स बैबेज के बाद उनकी शिष्या लेडी एडा ने सबसे पहले कम्प्यूटर प्रोग्राम तैयार किया। लेडी एडा कवि बायरन की बेटी थी। । सन् 1880 ई. में जर्मनी वैज्ञानिक हॉलरिथ ने गणना सम्बन्धी जानकारी भरने के लिए पंचकार्ड का निर्माण किया। इसी पंचकार्ड का उन्नत स्वरूप आधुनिक कम्प्यूटरों में प्रयोग किया जाता है। 

सन् 1880 ई. में हॉलरिथ ने अपनी इसी कम्प्यूटरनुमा सेंसर मशीन से अमेरिकी जनगणना के आंकड़े बहुत कम समय में तैयार कर दिये थे। इस कार्य ने उनकी प्रसिद्धि विश्व भर में फैला दी। 

तीन वर्ष बाद, सन् 1883 ई. में अमेरिका के वैज्ञानिक डॉक्टर वेन्नेयर ब्रश ने चार्ल्स बैबेज की परिकल्पना को मूर्त रूप देते हुए, यांत्रिक कल-पों का एक बेहतरीन गणक यंत्र बनाया, जिसके आधार पर बेहद तेजी के साथ गणनाएं की जाने लगीं। दरअसल कम्प्यूटर में गणना कार्य के लिए बाइनेरी सिस्टम का प्रयोग किया जाता 

वास्तव में कम्प्यूटर का अर्थ है-विद्युत से चलने वाला गणितीय यंत्र, जिसकी किस्म बेहद उन्नत है और क्षमता अत्यन्त तीव्र । कम्प्यूटर का आरम्भिक विकास सन् 1951 ई. में शुरू हुआ। अतः कम्प्यूटर काल को आरम्भ से आज तक पांच पीढ़ियों में बांटा गया है, जो इस प्रकार है- 

(1) पहली पीढ़ी का काल सन् 1951 ई. से सन् 1958 ई. तक माना गया है।

(2) दूसरी पीढ़ी का काल सन् 1959 ई. से सन् 1964 ई. तक माना गया है।

(3) तीसरी पीढ़ी का काल सन् 1964 ई. से सन् 1970 ई. तक माना गया है।

(4) चौथी पीढ़ी का काल सन् 1971 ई. से सन् 1985 ई. तक माना गया है।

(5) पांचवी पीढ़ी का काल सन् 1986 ई. से अब तक जारी है।

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