बीपी ठीक करने का उपाय-BP thik karne ka upay

BP thik karne ka upay

बीपी ठीक करने का  उपाय

ब्लड प्रेशर वह प्रक्रिया है जिसमें पता लगाया जाता है कि आपके शरीर में हृदय में कितनी मात्रा में रक्त पंप कर रहा है और जब रक्त धमनियों में बहता है तो वह कितनी दबाव(Pressures) का सामना कर रहा है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि प्रत्येक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर अधिकतर  हर समय बदलते रहता है ऐसा कोई आंकड़ा नहीं है जिससे परफेक्ट कहा जाए जो किसी एक व्यक्ति के लिए अच्छा होगा किसी दूसरे के लिए परफेक्ट नहीं होगा।

लेकिन यदि किसी व्यक्ति को और रक्त का दाब यदि बहुत अधिक हो जाए या बहुत ही कम हो जाए तो दोनों ही लोगों के लिए बहुत घातक होता है। हमारे हृदय में रक्त जितना स्पीड में पंप करेगा हमारे नस पर उतना ही प्रेशर पड़ता है और हमारा ब्लड प्रेशर उतना ही बढ़ने लगेगा। यही प्रक्रिया उल्टी हो जाए अर्थात रक्त का प्रेशर घट जाए तो हमारे शरीर की कोशिकाओं में ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाती है। हालांकि देखा गया है कि उम्र के बढ़ने के साथ ब्लड प्रेशर में बदलाव होते रहता है। लेकिन हम अपनी जीवनशैली में बदलाव कर इसे नियंत्रण कर सकते हैं और अपने शरीर को स्वस्थ रख सकते हैं

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ब्लड प्रेशर क्या होता है

ब्लड प्रेशर एक प्रकार का दबाव है जिसके कारण रक्त आपकी रक्त धमनियां(नसे) के दीवाल से टकराती है और जब हमारा हृदय बार-बार धड़कता है तो प्रत्येक बार हमारी रक्त की धमनियां से टकराती रहती है इसे ही हम ब्लड प्रेशर कहते हैं।

ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए

सामान्य ब्लड प्रेशर या रक्तदाब-120/80

हाई ब्लड प्रेशर या रक्तदाब-140/90

प्रिहाईपरटेंशन रक्तदाब-120-139/80-89

साइलेंट किलर है ब्लड प्रेशर

हाइपरटेंशन या हाई ब्लड प्रेशर अर्थात हमारे शरीर के धमनियों में रक्त दाब का बहुत बढ़ जाना। इसके कारण हमारे हृदय को रक्त संचालन के लिए सामान्य से अधिक परिश्रम करना पड़ता है। हाइपरटेंशन दो प्रकार की होती है प्राइमरी हाइपरटेंशन और सेकेंडरी हाइपरटेंशन। वैज्ञानिक अनुसंधान से  अधिकतर यह देखा गया है की 90 से 95% लोगों को हाई ब्लड प्रेशर अर्थात प्राइमरी हाइपरटेंशन होता है।

चिकित्सा क्षेत्र में यह देखा जाता है की प्राइमरी हाइपरटेंशन में लोगों में किसी प्रकार की बीमारी नहीं होने पर भी हो जाता है। बाकी बचे हुए 5 से 10% लोगों में सेकेंडरी हाइपरटेंशन होता है जिसका कारण है कि व्यक्तियों में पहले से हृदय रोग, किडनी विकार, नस की बीमारियां या एंडोक्राइन की गड़बड़ी से भी होता है।

हाइपरटेंशन अर्थात उच्च रक्तदाब से ग्रसित लोगों को हृदय रोग, किडनी का प्रॉब्लम, ब्रेन स्ट्रोक और हार्ड अटैक का खतरा बना रहता है। ब्लड प्रेशर में थोड़ी सी भी बढ़ोतरी हमारे जीवन की समय को कम कर देती है। अधिकतर देखा गया है कि यदि किसी व्यक्ति को कोई बीमारी ना हो तो उन लोगों को अक्सर हाई ब्लड प्रेशर का पता बहुत देर से चलता है इसी कारण से इसे साइलेंट किलर भी कहते हैं। डब्ल्यूएचओ का सर्वे के अनुसार देश के महानगरों में 25% लोग हाइपरटेंशन से ग्रसित है।

बीपी को ठीक करने का उपाय

ब्लड प्रेशर टेस्ट

ब्लड प्रेशर टेस्ट बहुत ही सामान्य जांच है। उम्र बढ़ने पर लो ब्लड प्रेशर टेस्ट नियमित रूप से करवाना चाहिए। शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ब्लड प्रेशर टेस्ट करवाना बहुत जरूरी है। अक्सर देखा गया है कि हर पांच में से एक व्यक्ति का ब्लड प्रेशर असामान्य होता है अगर आपका ब्लड प्रेशर 140 से अधिक और 90 से कम हो तो आपके हृदय पर  बहुत दबाव पड़ता है जिसके कारण हार्ड अटैक किडनी फैलियर और ब्रेन स्ट्रोक की आशंका बनी रहती है।

ब्लड प्रेशर टेस्ट कब से शुरू करें-वैसे इस टेस्ट हो को आप किसी भी उम्र से करवा सकते हैं। लेकिन आप कम उम्र में ही बहुत मोटे दुबले हो तो आपको यह टेस्ट जरूर करवानी चाहिए। यह टेस्ट आप नियमित रूप से 18 वर्ष से ऊपर होने पर करवा सकते हैं। आपके स्वास्थ्य के लिए बहुत अच्छा होगा।

ब्लड प्रेशर टेस्ट कितने अंतराल पर कराना चाहिए- साल में एक बार करवा सकते हैं लेकिन यदि आपका ब्लड प्रेशर सामान से अधिक या कम होगा तो आपको 6 महीना के अंतराल पर करवाना चाहिए।

हाई ब्लड प्रेशर का कारण

सामान्य से अधिक भार होनाआपके शरीर का वजन जितना अधिक होगा आपके शरीर के ऊतकों को उतने ही ज्यादा ऑक्सीजन और रक्त की जरूरत होगी। जिसके कारण हृदय हृदय अधिक पंप करेगा और हमारे शरीर की धमनियों में ज्यादा दबाव पड़ेगा।

उम्र बढ़ने के कारण- अधिकतर यह देखा गया है कि 30 से ऊपर होने पर पर हाई ब्लड प्रेशर की संभावना अधिकतर लोगों में बनी रहती है। इसलिए इस उम्र में यदि आपको कोई बीमारी ना भी हो तब पर भी आपको ब्लड प्रेशर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए।

शारीरिक रूप से मेहनत ना करना – जो लोग शारीरिक रूप से मेहनत ना करते हैं उनकी दिल की धड़कन समान व्यक्ति से ज्यादा तेज चलती है जिसके कारण इनके के रक्त की धमनियों में दबाव बढ़ जाता है। इसलिए व्यक्ति को चाहिए कि कम से कम सुबह उठकर 3 किलोमीटर की जोगिंग या थोड़ी स्पीड में पैदल चले और कुछ सामान एक्सरसाइज भी करें। यदि आप ऑफिस वर्कर हैं आपको कुछ घंटे वर्क खड़े होकर करना चाहिए। यदि आप घरेलू महिलाएं हैं तो अपने आसपास के इलाके या छत पर पर ही थोड़ी एक्सरसाइज करे और छत पर कम से कम 1 घंटे की सैर करें।

तंबाकू का सेवन तंबाकू का अधिक मात्रा में सेवन करने से व्यक्ति का ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है और तंबाकू में मौजूद रसायन हमारे धमनियों के अंदरूनी पर्त को नष्ट कर देती है। शराब का अधिक मात्रा में सेवन भी हमारे शरीर में ब्लड प्रेशर बढ़ा देता है।

तनाव करना तनाव भी व्यक्ति का ब्लड प्रेशर अस्थाई रूप से बढ़ा देता है।

बीमारियां -बहुत समय से आप बीमारियों से ग्रसित है तो आपका ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है जिसमें अनिद्रा, किडनी की बीमारी, डायबिटीज और हाई कॉलस्टोर सबसे प्रमुख रोग है।

खानपान अधिकतर देखा गया है कि व्यक्ति में खानपान की गलत आदतें भी लोगों में ब्लड प्रेशर का कारण बनता है। भोजन में पोटेशियम की कमी और सोडियम की अधिकतम मात्रा भी रक्तदाब को बढ़ा या घटा देती है। इस बीमारी के विशेषज्ञों ने राय दी है यदि आपके शरीर में विटामिन डी की भी मात्रा कम जाए तो आपको हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण आ सकते हैं।

दवाइयां कुछ दवाइयां जैसे पेन किलर, गर्भनिरोधक गोलियां कुछ अन्य दवाइयां का अधिक मात्रा में सेवन करने से भी ब्लड प्रेशर हाई हो सकता है। इसके अलावा ड्रक्स, कोकीन का सेवन भी  ब्लड प्रेशर को बढ़ाता है।

हाई ब्लड प्रेशर में क्या खाना चाहिए

  • जब आप रोटी खाते हैं तो रोटी चौकड़ युक्त होना चाहिए
  • अंकुरित युक्त भोजन करना चाहिए जैसे चना, मूंग का दाल
  • टमाटर का जूस और लौकी का सेवन करना चाहिए
  • आंवले का मुरब्बा बना कर खाना चाहिए जिससे आपके शरीर में विटामिन सी मिलेगा।
  • लहसुन का सेवन करना चाहिए ताकि आप  खून में पतला पन आ सके सके और इंसुलिन की मात्रा नियंत्रण रहे।

हाई ब्लड प्रेशर का लक्षण

  • सिर के के पिछले भाग में सिर दर्द होना।
  • हमारे शरीर में कमजोरी और चक्कर आना
  • ऐसा लगता है जैसे कि मच्छर या कीड़ा हमारे कान के पास भिनभिना रही है।
  • नाक से खून आना
  • धीरे-धीरे आंखों की रोशनी कम होना या कौन दिखाई पड़ना

हालांकि यह सभी लक्षण हमें तब दिखाई देता है जब हमारे ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है विद्यालय के हाई ब्लड प्रेशर हमारे शरीर में किडनी फैलियर, हार्ट फेल और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बना रहता है।

हाई ब्लड प्रेशर का उपचार

  • शारीरिक रूप से सक्रिय रहे, प्रतिदिन एक्सरसाइज करें और खानपान में फल और सब्जियों का अधिक से अधिक सेवन करें।
  • जो आप खाना खाते हो उसमें नमक की मात्रा कम करें
  • जितना हो सके हमें बाहर की जंग फूड और फास्ट फूड से बचना चाहिए। घर का खाना ही हमारे स्वास्थ्य के लिए सर्वोत्तम है।
  • भोजन में सोडियम का सेवन कम करें।
  • हाइपरटेंशन एक ऐसी बीमारी है जो आपको अस्थाई या जीवन भर भी हैरान कर सकती है।
  • डॉक्टर के इलाज के द्वारा हमारे ब्लड प्रेशर को फिर से सामान्य किया जाए
लो ब्लड प्रेशर क्या है

लो ब्लड प्रेशर को डॉक्टरी भाषा में हाइपोटेंशन भी कहते हैं। यह बीमारी भी बहुत सारे लोगों को ग्रसित किया है।देखा गया क्या सर लोगों को पता ही नहीं चल पाता है कि उनको ब्लड प्रेशर लो हो गया है। ब्लड प्रेशर सामान से थोड़ा कम होना कोई बड़ी बीमारी नहीं है।

लेकिन आपके शरीर में पहले से हृदय रोग और तंत्रिका तंत्र अर्थात नस की बीमारी को बढ़ा सकता है। लेकिन यदि आपको गंभीर लो ब्लड प्रेशर है तो इसके कारण आपके मस्तिक में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा और पोषक तत्व नहीं पहुंच पाएगी। इसलिए इसे भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। अधिक उम्र बढ़ने के कारण भी लो ब्लड प्रेशर हाई ब्लड प्रेशर व्यक्ति को यह बीमारी होना समान लक्षण है।

ब्लड प्रेशर में अचानक कमी आने पर हमारे शरीर में क्या होता है

ब्लड प्रेशर अचानक कम हो जाए तो हमारे शरीर में अचानक चक्कर आने लगेगा और हमारे मस्तिक को कम मात्रा में ऑक्सीजन पहुंचने के कारण आप बेहोश भी हो सकते हैं, यह समस्या हमारे जीवन के लिए घातक साबित हो सकता है।

लो ब्लड प्रेशर का कारण
  • हमारे शरीर के तापमान में अत्यधिक मात्रा में कम होना या बढ़ जाना।
  • बुखार डायरिया या उल्टी के कारण हमारे शरीर में गंभीर डिहाइड्रेशन होना।
  • अधिक मात्रा में हमारे शरीर से रक्त स्राव होने के कारण रक्त की कमी हो जाना
  • यदि हमारे रक्त में इंफेक्शन हो जाए अर्थात सेप्सिस
  • गंभीर एलर्जी रिएक्शन अर्थात एनाफायलैक्सिस
लो ब्लड प्रेशर का घरेलू उपचार
  • पानी ज्यादा पिए-आपके शरीर में अक्सर काम करने के लिए पानी की बहुत आवश्यकता होती है। अगर आपको लगातार या रुक रुक कर चक्कर आ रहे हैं तो अब पानी ज्यादा पिए।
  • नमक का सेवन बढ़ा दे-अक्सर ब्लड प्रेशर में नमक कम खाने की सलाह दी जाती है लेकिन यदि आपको लो ब्लड प्रेशर हुआ है आपको थोड़ा ज्यादा नमक का सेवन करना चाहिए।
  • शकरकंद का एक कप जूस दिन में दो बार पिए। यह लो ब्लड प्रेशर का सबसे अच्छा उपचार है।
  • 30 से 40 किशमिश को एक गिलास पानी या मिट्टी के बर्तन में रात भर रखें। सुबह खाली पेट इनका सेवन करें और पानी भी पी जाए।
  • सुबह खाली पेट तुलसी के 10 से 15 पतिया लेकर उनका रस निकालें और शहाद के साथ मिलाकर सेवन करें।
  • 10 से 15 बादाम लेकर रात भर उन्हें एक गिलास पानी में रखें उनका छिलका उतारकर पीस ले और इन्हें दूध में थोड़ी देर उबाल ले। हल्का गर्म अर्थात गुनगुना होने पर इन्हें पी ले।
  • एक कप स्ट्रांग कॉफी बनाकर पिए।
  • सुबह सुबह उठकर नियमित रूप से एक्सरसाइज करें जिससे खून का संचार हमारे शरीर में सुचारू रूप से बना रहता है यदि आपको सुबह में समय ना मिले तो शाम को ही थोड़ी एक्सरसाइज करें।
  • अगर किसी व्यक्ति को अचानक ब्लड प्रेशर कम हो जाए पानी में थोड़ा इलेक्ट्रॉल पाउडर मिलाकर पीना चाहिए इससे व्यक्ति को आराम मिलेगा। इसके बाद पीठ के बल लेट जाएं अब पैरों को थोड़ा ऊपर उठा ले इसके कारण हमारे सिर में छाती के तरफ खून का संचार थोड़ा ज्यादा होगा।

कभी-कभी लो ब्लड प्रेशर एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए लाभदायक भी साबित हो सकता है अगर हमारे शरीर में रक्त का दाब हमसे थोड़ा कम बना रहे तो ब्रेन स्ट्रोक और हार्ड अटैक की समस्या हमारे शरीर में नहीं पनपती है। लेकिन रक्त का दाब सामान से बहुत कम या अधिक हो जाए तो आपके लिए घातक हो सकता है।

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