ब्लैक होल क्या है-Black hole kya hai

Black hole kya hai

ब्लैक होल क्या है

ब्लैक होल क्या है–  अंतरिक्ष में कुछ ऐसे काले क्षेत्रों की संभावना खगोलशास्त्रियों के लिए अभी भी एक शोध का विषय है, जो विशाल तारों के नष्ट हो जाने पर बनते हैं। अंतरिक्ष के इन काले क्षेत्रों को ही ‘ब्लैक होल’ नाम दिया गया है।

यह सच है कि वैज्ञानिक अभी तक ब्लैक होल्स को देख नहीं पाए हैं, लेकिन वे उनके अस्तित्व की वास्तविकता का पता लगाने में जुटे हुए हैं। ब्लैक होल्स के नजदीकी क्षेत्रों से आने वाली एक्स किरणें और अवरक्त किरणें इस बात का सबूत हैं कि ब्लैक होल्स का अंतरिक्ष में अस्तित्व है। 

Black hole

ब्लैक होल्स के अस्तित्व की संभावना का अनुमान सबसे पहले 1907 में जर्मनी के खगोलशास्त्री कार्ल स्वार्ज चाइल्ड ने किया था। उनके अनुसार, इनका जन्म ऐसे तारों के समाप्त होने से होता है, जो सूर्य से भी बड़े होते हैं। ब्लैक होल के बनने की एक जटिल प्रक्रिया है, जो सतत् चलती रहती है। इसे यूं भी समझ सकते हैं कि एक ऐसे तारे के जो सूर्य से बड़ा है, केन्द्र का तापमान बहुत अधिक होता है। इस तारे में उपस्थित पदार्थ फैलने की कोशिश करते हैं, लेकिन इसका गुरुत्व बल इसे निश्चित सीमा से अधिक नहीं फैलने देता। तापमान के कारण होने वाले फैलाव और गुरुत्व बल के द्वारा होने वाले सिकुड़ाव के संतुलन में ही तारे का आकार निश्चित होता है।

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

19 + one =