जोसेफ प्रिस्टले की जीवनी |Biography of Joseph Priestley in Hindi

जोसेफ प्रिस्टले की जीवनी

जोसेफ प्रिस्टले की जीवनी |Biography of Joseph Priestley in Hindi

ऑक्सीजन के आविष्कारक जोसेफ प्रीस्टले का जन्म 13 मार्च, सन् 1733 ई० में इंग्लैंड के एक गाँव में हुआ था। उनके पिता गाँव में जुलाहे का काम करते थे। 7 वर्ष की उम्र में ही उनके पिता का साया उनके सिर से उठ गया, और वह अनाथ हो गये। वह अपनी चाची की देख-रेख में पले-बढ़े। अपना जीवन व्यतीत करने के लिए उनको  चर्च में छोटे से वेतन पर काम करना पड़ा। जितना वेतन उन्हें चर्च से मिलता था, वह उनके लिए पर्याप्त नहीं था, इसलिए उनको ट्यूशन करना पड़ता या तथा साथ ही पुस्तकें भी लिखनी पड़ती थीं। इन सब कठिनायों के होते हुए भी उनका रसायन विज्ञान व भाषा का अध्ययन जारी रहा। ।

प्रीस्टले ने पता लगाया कि कार्बन डाइआक्साइड गैस को पानी के साथ मिलाया जा सकता है। उन्हें इस आविष्कार के लिए गोल्ड मैडल दिया गया। प्रीस्टले को यह मालूम नहीं तथा कि एक दिन ऐसा आएगा जब कोका-कोला जैसे ठण्डे पेय पदार्थों में कार्बन डाइआक्साइड गैस को मिश्रित करके सारी दुनिया में विभन्न प्रकार के ठण्डे पेय पदार्थों का अरबों-खरबों रुपयों का व्यापार किया जाएगा। आज का ऐरेटिड पेय पदार्थों का व्यापार उन्हीं की खोज का परिणाम है। प्रीस्टले से बेंजामिन फ्रैंकलिन की मुलाकात इंग्लैंड की यात्रा के दौरान हुई। जीवन-भर के लिए वे दोनों एक-दूसरे के मित्र बन गये। प्रीस्टले ने फ्रैंकलिन से प्रभावित होकर एक पुस्तक लिखी जो कि The History of the Present Conditons of Electricity है। 

प्रीस्टले को चर्च में यकीन नहीं था, उनका मानना था कि धर्म व राजनीति एक-दूसरे से अलग-अलग हैं। इन दोनों को एक-दूसरे के साथ मिलाया नहीं जा सकता। इस बात का इंग्लैण्ड में काफी विरोध हुआ और क्रोधित भीड़ ने प्रीस्टले के घर में 14 जुलाई, सन् 1781 ई०, को आग लगा दी। घर में आग लगने के कारण, 20 वर्षों की अवधि में किए गए कार्य जलकर राख हो गए। सौभाग्य से प्रीस्टले और उनकी पत्नी उस वक्त घर में मौजूद नहीं थे। इसी कारण वे इस दुर्घटना से बच गए। 

विज्ञान की सेवा करते-करते इस महान् वैज्ञानिक का सन् 1804 ई०, में निधन हो गया। वे एक महान वैज्ञानिक थे, तथा अपने द्वारा किये गये कार्यों के कारण वे विश्व प्रसिद्ध हो गये। ऑक्सीजन गैस सभी जीवित प्राणियों के लिए जीवनदायिनी है यह बात हम सब भली प्रकार से जानते हैं। इस गैस के आविष्कार का श्रेय भी प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रीस्टले को जाता है। उन्होंने इस गैस की खोज करके मानव जाति का बहुत बड़ा कल्याण किया। 

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