जॉन डाल्टन की जीवनी | Biography of John Dalton in Hindi

जॉन डाल्टन की जीवनी

जॉन डाल्टन की जीवनी | Biography of John Dalton in Hindi

 परमाणु के आविष्कारक जॉन डाल्टन का जन्म 1766 ई० में हुआ। उन्होंने सन् 1802 ई० में आंशिक दबावों का नियम बनाया। इस नियम को डाल्टन का पारशियल प्रैशर का नियम कहते हैं। उन्होंने बताया कि किसी गैस के मिश्रण का कुल दबाव अलग-अलग गैसों के आशिक दबावों के जोड़ या योग के बराबर होता है।

सन् 1830 ई० में उन्होंने परमाणु सिद्धान्त को प्रतिपादित किया। डाल्टन ने बताया कि प्रत्येक पदार्थ अत्यंत सूक्ष्म कणों से बना हुआ है। जिनको एटम या परमाणु कहते हैं। एटमका अर्थ है विभाजित न होने वाला कण।

डाल्टन ने यह भी बताया कि एक तत्व के परमाणु एक जैसे होते हैं, मगर अलग-अलग तत्वों के परमाणु अलग-अलग होते हैं। उनके अनुसार परमाणु पदार्थ का वह हिस्सा है जिसे और छोटे हिस्सों में विभाजित नहीं किया जा सकता।
डाल्टन ने यह भी बताया कि परमाणुओं के सरल अनुपात में मिलने से यौगिक बनते हैं। उपरोक्त कथनों से परमाणु सिद्धान्त की रसायन विज्ञान में नींव पड़ी।

उन्होंने सबसे पहले परमाणु भारों की तालिका बनाई। ये अपने जीवन में एक प्रसिद्ध रसायन शास्त्री की भूमिका में रहे। उनके आविष्कारों के कारण ब्रिटेन में भी उनको काफी प्रसिद्धि प्राप्त हुई। जॉन डाल्टन ने सर्वप्रथम रंग अन्धता के विषय में जानकारी प्रदान की। वे स्वयं रंगान्ध थे। आज भी रंग अन्धता को डाल्टनिज्म कहते हैं।

सन् 1844 ई० में विज्ञान की सेवा करते हुए इस महान वैज्ञानिक की मृत्यु हो गई। आज के समय में भी डाल्टन का सिद्धांत आरंभिक कक्षाओं से ही विज्ञान के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है। विज्ञान की दुनिया में जॉन डाल्टन को कभी भी भुलाया नहीं जा सकता।

जॉन डाल्टन के सिद्धान्त से ही परमाणु भौतिकी की नींव पड़ी तथा परमाणु विज्ञान आगे बढ़ा। परमाणु के विषय में आज सारी दुनिया के लोग जानते हैं लेकिन सबसे पहले परमाणु का सिद्धान्त प्रतिपादित करने का श्रेय डाल्टन को जाता है।

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