जेम्स वाट की जीवनी | Biography of James Watt in Hindi

जेम्स वाट की जीवनी

जेम्स वाट की जीवनी | Biography of James Watt in Hindi

भाप के इंजन का आविष्कार करने वाले विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक जेम्स वॉट का जन्म सन् 1736 ई० में हुआ। इनको बचपन से ही कोई-न-कोई प्रयोग करने की आदत थी। एक बार उनकी माँ चूल्हे पर भगोने में पानी उबाल रही थी, भगोने पर जो ढक्कन ढका हुआ था, वह बार-बार उबलते पानी की भाप के कारण ऊपर उठ जाता था। छोटा जेम्स वॉट इस घटना को बड़े गौर से देख रहा था। उसने ढक्कन पर एक वजन रख दिया, मगर कुछ देर पश्चात् ढक्कन फिर ऊपर उठा और पतीले में से भाप बाहर निकलने लगी। उनको यकीन हो गया कि भाप में बड़ी शक्ति होती है। इसी शक्ति के आधार पर उन्होंने भाप | इंजन का आविष्कार किया। 

सन् 1700 के आरंभ में थॉमस न्यूकोमैन ने भाप के इंजन का जो मॉडल बनाया था उसे संशोधित करने का कार्य जेम्स को सौंपा गया। इस इंजन का खानों में से पानी निकालने के लिए प्रयोग किया जाना था। वॉट ने डिस्कोथेक किया इसके पश्चात् यह इंजन सफलतापूर्वक पानी निकालने में प्रयोग किया गया। इस इंजन को देखकर जेम्स ने परिवर्द्धित रूप बनाने का निश्चय किया। एक वर्ष की कड़ी मेहनत के पश्चात् उन्होंने इंजन का बेहतर रूप बनाया। उनके द्वारा सुधारे गए इंजन में कम ईंधन खर्च होता था।शीघ्र ही जेम्स द्वारा बनाया गया इंजन कारखानों तथा खानों में सारे ब्रिटेन में प्रयोग होने लगा। 

सन् 1789 ई० में उन्होंने सेन्ट सेन्ट्री फ्युगल गवर्नर लगाया जो अपने आप ही इंजन में जाने वाली भाप को नियंत्रित करता था। जेम्स के अन्य महत्त्वपूर्ण आविष्कारों में कार्यालयों को भाप द्वारा गर्म करने की पद्धति थी। यह पद्धति बरमिंघम में सन् 1770 में पहली बार प्रयोग की गई थी। उन्होंने डुप्लीकेटिंग मशीन का भी आविष्कार किया। जेम्स वॉट ने अपने जीवनकाल में इतनी प्रसिद्धि पायी कि विद्युत शक्ति की इकाई का नाम उन्हीं के नाम पर वॉट रखा गया। उन्होंने हॉर्स पावर नामक इकाई का प्रयोग किया। सन् 1783 में एक औसत घोड़े की शक्ति को प्रयोग में लाकर 150 पौंड को उन्होंने एक सैकिंड में लगभग चार फुट उठाया। इसी के आधार पर उन्होंने हॉर्स पावर इकाई चालू की। इस महान वैज्ञानिक की मृत्यु सन् 1819 ई० में हो गयी। जेम्स वॉट को हम कभी भुला नहीं सकते। उनके द्वारा विकसित इंजनों ने बड़ा नाम कमाया। बचपन के उस चंचल स्वभाव वाले बालक जेम्स वॉट ने अपने कार्यों से विश्व ख्याति पाई।

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