चार्ल्स-ऑगस्टिन डी कूलॉम की जीवनी | Biography of Charles Augustine de Coulomb in hindi

चार्ल्स-ऑगस्टिन डी कूलॉम की जीवनी

चार्ल्स-ऑगस्टिन डी कूलॉम की जीवनी | Biography of Charles Augustine de Coulomb in hindi

आवेश की इकाई के जन्मदाता चार्ल्स-आगस्टीन द कूलम्ब संक्षिप्त नाम चार्ल्स कूलम्ब था। कूलम्ब का जन्म सन् 1736 ई० को फ्रांस में हुआ था। उनकी शिक्षा-दीक्षा फ्रांस में ही हुई थी। उनका प्रमुख विषय भौतिकी था। भौतिकी के क्षेत्र में उन्होंने विद्युत चुम्बकत्व तथा घर्षण जैसे विषयों में काफी बड़ा योगदान दिया। 

कूलम्ब ने एक नियम प्रस्तुत किया जिसे कूलॉम का नियम कहते हैं। इस नियम को व्यत्क्रमानुपात के नियम के नाम से भी जानते हैं। यह नियम दो आवेशों या दो चुम्बकीय ध्रुवों के बीच लगने वाले बलों की मीमांसा करता है। इस नियम के अनुसार दो विद्युत आवेशों या दो चुम्बकीय ध्रुवों के बीच लगने वाला आकर्षण या प्रतिकर्षण बल उन आवेशों या ध्रुवों की शक्ति के गुणनफल के समानुपाती होता है और उनके बीच की दूरी के वर्ग के व्युत्क्रमानुपाती होता है। यह नियम इन दोनों ही विषयों में बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ। 

चार्ल्स-ऑगस्टिन डी कूलॉम की जीवनी

कूलम्ब ने एक टॉरसन बैलेन्स का आविष्कार किया जो चुम्बकीय या विद्युतीय आकर्षण बल मापने के काम आता है। सन् 1779 ई० में उन्हें चुम्बकीय सुइयों पर एक शोधपत्र प्रस्तुत करने के लिए रॉयल अकादमी ऑफ साइंस से पुरस्कार प्राप्त हुआ। 

सन् 1781 ई० में सरल मशीनों का सिद्धान्त से सम्बन्धित शोध-पत्र पर दूसरा पुरस्कार प्राप्त हुआ। उनकी प्रतिष्ठा के लिए विद्युत आवेश की इकाई का नाम कूलॉम रखा गया। कूलम्ब ने वैज्ञानिक अनुसंधानों के क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले नौ साल तक फ्रांस की थल सेना की सेवा की। सन् 1782 ई० में उन्हें फ्रांस की अकादमी का सदस्य चुना गया।

 विश्व प्रसिद्ध वैज्ञानिक कूलम्ब का सन् 1806 ई० फ्रांस में निधन हो गया। विज्ञान की दुनिया में उन्हें कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। कूलम्ब का नाम दुनिया भर के सभी विद्यार्थी जानते हैं, क्योंकि विद्युत आवेश की इकाई को उन्हीं के नाम से जाना जाता है। 

विद्युत आवेश की इकाई कूलॉम और विद्युत धारा की इकाई एम्पीयर में गहरा सम्बन्ध है। किसी बिन्दु से एक सैकिंड में जब एक एम्पीयर विद्युत धारा बहती है तो हम कहते हैं कि आवेश की एक कूलॉम प्रवाहित है। एम्पीयर विद्युत धारा की मात्रा मापता है और कूलॉम आवेश मापता है जो फ्रांस के वैज्ञानिक कूलम्ब के नाम पर पड़ा।

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