बच्चों का शिक्षाप्रद कहानियां-कोयल 

koyal कहानी

बच्चों का शिक्षाप्रद कहानियां- कोयल 

गरमियों की एक सुबह घनिष्ठ मित्र तोताराम और कल्लू एक जंगल में गए। सहसा उन्हें कोयल की कुहुक सुनाई पड़ी। “यह एक पक्षी की आवाज है जो किसी मंगल की सूचना देती है।” अंधविश्वासी तोताराम ने कहा, “मैंने इसकी आवाज सुबह-सुबह सुनी है। मुझे विश्वास है कि आज का दिन बड़ा भाग्यशाली होगा। अवश्य ही मुझे रुपयों से भरा थैला मिलेगा।” 

“नहीं!” कल्लू ने तोताराम की बात का प्रतिवाद किया, जो उससे भी अधिक वहमी था, “तुम मुझसे अधिक भाग्यशाली नहीं हो। मुझे विश्वास है, यह आवाज मेरे लिए अधिक भाग्यशाली साबित होगी। तुम देखना, जरूर मुझे अच्छी-खासी रकम प्राप्त होगी।” 

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खूबसूरत मौसम का मजा लेने के बजाय वे दोनों इसी बात पर लड़ने लगे। तू-तू, मैं-मैं के बाद हाथापाई पर उतारू हो गए। कुछ ही समय में वे बुरी तरह जख्मी हो गए। दोनों डॉक्टर के पास पहुंचे। डॉक्टर ने उनसे पूछा कि वे आखिर इस स्थिति में पहुंचे कैसे? सारी घटना बयान करने के बाद उन दोनों ने डॉक्टर से पूछा, “आप बताएं कि कोयल ने किसके भाग्यशाली होने की सूचना दी थी?” 

डॉक्टर ने हंसते हुए कहा, “कोयल ने मेरे भाग्यशाली होने की सूचना दी थी। अगर तुम दोनों इसी तरह लड़-झगड़कर हाथ-पैर तोड़ते रहे तो मुझे रुपयों का ढेर तुम्हारे इलाज के एवज में मिलता रहेगा।” 

 

शिक्षा-बेकार के झगड़े से दूसरों का ही फायदा होता है।

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2 Comments

  1. Hello there! This post could not be written any better! Reading through this post reminds
    me of my old room mate! He always kept talking about this.
    I will forward this article to him. Pretty sure
    he will have a good read. Many thanks for sharing!

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