ताली बजाने के फायदे | ताली बजाने से सेहत को होते हैं चौंकाने वाले फायदे |Benefits of clapping

ताली बजाने के फायदे

ताली बजाने के फायदे |ताली बजाने से सेहत को होते हैं चौंकाने वाले फायदे |Benefits of clapping|ताली नहीं है बेकार, इसमें है सेहत का सार 

ताली बजाना यानी हथेली से हथेली और उंगलियों से उंगलियों का टकराना स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक माना जाता है। यानी बिना खर्च बैठे-बैठे हम बहुत कुछ पा सकते हैं। 

आपने कई बुजुर्गों को पार्क और अन्य सार्वजनिक जगहों पर ताली बजाते देखा होगा। भजन, कीर्तन के दौरान भी भक्त तालियां बजाते हैं। यह यूं ही नहीं है। दरअसल, जानकारों का कहना है कि अकेले ताली के अभ्यास में इतनी ताकत है कि यह हमें अनेक रोगों से बचा सकती है। कुछ लोग ताली को योग में ही समाहित मानते हैं। 

स्वास्थ्य लाभ के लिए ताली बजाते वक्त हाथों की हथेली से हथेली और उंगली से उंगली टकरानी चाहिए जैसा बायीं ओर चित्र में दिखाया गया है। दायीं ओर चित्र जैसी ताली लाभ नहीं दे पाएगी। 

ताली बजाने से सेहत को होते हैं चौंकाने वाले फायदे

दरअसल ताली बजाने यानी दोनों हथेलियों और उंगलियों के पोरवों के एक-दूसरे से टकराने पर खून का बहाव तेज होता है। इससे हमारी रक्त वाहिकाओं में पैदा हुई तमाम रुकावटें हट जाती हैं। खराब कोलेस्ट्रॉल भी ताली बजाने से घटता है। कई लोगों ने इस तरह का दावा किया है कि ताली बजाने से उनकी आंखों से कम दिखने की दिक्कत में भारी कमी आई है। उन्होंने सुबह के वक्त करीब आधा घंटे तक ताली बजाने का अभ्यास किया, जिससे उन्हें यह फायदा मिला। 

जो जानकार लोग रोज ताली बजाते हैं और इसका फायदा उठा चुके हैं, उनका कहना है कि ताली बजाने के अभ्यास से पहले सरसों या गोले का तेल हथेलियों पर लगा लेना चाहिए। ताली के दौरान यह शरीर के अंदर चला जाता है। इसी के साथ यह सलाह भी है कि ताली बजाते वक्त जूते और मोजे भी जरूर पहनने चाहिए ताकि शरीर के अंदर पैदा होने वाली ऊर्जा की तरंगें शरीर से बाहर न निकलें। ताली बजाते वक्त दोनों हाथ एक-दूसरे के सामने होने चाहिए और बाजू ढीली रहनी चाहिए। ताली बजाने में उंगलियों के किनारे और हथेलियां एक-दूसरे से जरूर टकरानी चाहिए।

सलाह यह भी है कि ताली का पूरा फायदा तभी है जब कम से कम 15 सौ बार दो हाथ एक-दूसरे से टकराएं। आप सामर्थ्य के अनुसार इससे ज्यादा भी कर सकते हैं। ताली बजाने का प्रयोग हृदय रोग, डायबिटीज, हाई ब्लडप्रेशर, तनाव, अस्थमा, जुकाम, आर्थराइटिस, सिरदर्द, इनसोमनिया, बालों का झड़ना, आंखों से कम दिखना जैसी दिक्कतों में लाभ पहुंचाता है। ताली के अभ्यास के लिए अलग से समय की भी जरूरत नहीं है।

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