बेडटाइम स्टोरी फॉर किड्स इन हिंदी-शेर और ऊंट

बेडटाइम स्टोरी फॉर किड्स इन हिंदी-शेर और ऊंट

बेडटाइम स्टोरी फॉर किड्स इन हिंदी-शेर और ऊंट की कहानी

बहुत दूर, किसी जंगल में, एक शेर का राज था। उसके बहुत सारे दोस्त थे। जब शेर शिकार करता, तो अपना पेट भरने के बाद बचा हुआ मांस अपने दोस्तों को दे देता। उसके दोस्तों में सियार और कौआ भी थे। शेर के साथ रहने में उन्हें सबसे बड़ा लाभ यह था कि बिना मेहनत किए हमेशा वे भरपेट भोजन करने का मजा उठाते थे। 

एक दिन जंगल से गुजरने वाले कारवां का एक ऊंट रास्ता भटक गया। सब चले गए और वह जंगल में ही रह गया। वह भोजन की तलाश में जंगल में भटकने लगा। दूसरे जानवरों ने कभी उसके जैसा जानवर नहीं देखा था। उनके लिए यह अजीब-जानवर था! उसे देखकर हंसी आती थी और फिर वह बहुत ही अलग तरीके से चलता भी था। वह एक बड़ा जानवर था और अगर उसे मारा जाता तो उससे कई जानवरों को भोजन मिल सकता था। इसीलिए सभी जानवर मिलकर उसे शेर के पास ले गए। 

बेडटाइम स्टोरी फॉर किड्स इन हिंदी-शेर और ऊंट

ऊंट ने बड़ी विनम्रता से शेर को नमस्कार किया और उसे अपने बारे में बताया। शेर बहुत ही भला था। उसने ऊंट से कहा कि वह जंगल में जानवरों के साथ आराम से रह सकता है। उसे कभी कोई परेशानी नहीं होगी। ऊंट भी खुश हुआ। वह मजे से ताजी घास और पत्तियां खा कर मौज करता। अब उसे भारी सामान भी नहीं लादना पड़ता था। ऊंट उस जंगल में ही रहने लगा।

लेकिन सियार और कौए को यह बात पसंद नहीं आई। वे तो ऊंट का मांस खाना चाह रहे थे परंतु यहां तो शेर ने उसे जंगल में रहने की इजाजत दे दी थी। अब वे दोनों उसे मारने की साजिश करते रहते। 

एक दिन शेर की हाथी से झड़प हो गई और इस लड़ाई में शेर बुरी तरह से घायल हो गया। वह ठीक से खड़ा तक नहीं हो पा रहा था। उसके लिए शिकार पर जाना मुश्किल था। अब तो उसके साथ-साथ वे जानवर भी भूखे मरने लगे जो उसके लाए हुए शिकार से अपना पेट भरते थे। 

इस तरह कौए और सियार के हाथ अच्छा मौका आया कि वे अपना मकसद पूरा कर सकें। उन्होंने सारे जानवरों की सभा बुला कर कहा, “हमारे प्यारे महाराज घायल हो गए हैं। अब उन्हें कहीं से भोजन नहीं मिल सकता। वे आज तक हम सबका ध्यान रखते आए हैं, अब हम सबको उनकी देखभाल करनी चाहिए।” 

हम उनके लिए क्या कर सकते हैं?” सबने पूछा। उनमें से कुछ जानवर तो ऐसे थे, जिन्हें शिकार करना भी नहीं आता था, इसलिए वे सोचने लगे कि वे शेर को भोजन कैसे दिलवा सकते हैं। 

“हम स्वयं को उनके सामने भोजन के रूप में प्रस्तुत करेंगे,” चालाक कौए और सियार ने सबके सामने अपना प्रस्ताव रखा। 

शेर और ऊंट की कहानी

यह तो बहुत अच्छा विचार है,” . सबने दोनों की प्रशंसा की। इसके बाद ऊंट बोला, “रुको, शेर ने मेरे साथ बहुत ही दयालुता से भरा व्यवहार दिखाया है। मैं इतना बड़ा भी हूं कि आराम से महाराज का पेट भर सकता हूं, इसलिए पहले मैं उनका भोजन बनने के लिए तैयार हूं।” 

बस कौआ और सियार यही तो सुनना चाहते थे। वे बिना देर किए ऊंट को शेर के पास ले गए। जल्दी ही उन्होंने शेर को भी फुसला लिया कि वह ऊंट को मार कर अपना भोजन बना ले। जब शेर ने ऊंट को मार कर भरपेट खा लिया तो कौए और सियार ने भी दावत उड़ाई। इस तरह बेचारा मूर्ख ऊंट मारा गया। 

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