अनसुलझे रहस्य-पूर्णिमा की रात क्या वे प्रेत थे? 

अनसुलझे रहस्य-पूर्णिमा की रात क्या वे प्रेत थे? 

पूर्णिमा की रात क्या वे प्रेत थे?

रहस्य रोमांच सस्पेंस और हैरत में डाल देने वाली विश्व की ऐसी सत्य घटना है जो आज भी रहस्य की धुन में दफन है।आश्चर्यजनक तथ्य जो अभी तक सिर्फ रहस्य है।

इटली के लोग प्रत्येक पूर्णिमा को एक विचित्र दृश्य देखते हैं। वह दृश्य यह कि वहां के फोंटा नामक अस्तबल से प्रत्येक पूर्णिमा की रात ‘बैसिल्का’ नामक एक सफेद घोड़ा निकलकर जंगलों की ओर निकल भागता है। ऐसा अहसास होता कि मानो उस पर कोई सवार हो। फोंटा के एक वृद्ध व्यक्ति नियात कारलो बोटटी का कहना है कि हर पूर्णिमा की रात को बैसिल्का पर सवार होने वाला व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि अमेरिकी सेना का एक सिपाही नेड केली है, जो मृत्यु के उपरांत प्रेत बन चुका है।

नियात कारलो का एक मित्र एलवियो अस्तबल में छिप गया। धीरे-धीरे रात घिर आई और आकाश में चांद खिल उठा। मध्यरात्रि को एलवियो ने अस्तबल का दरवाजा खुलने की आवाज सुनी। दरवाजा खुलते ही वह भय से पसीने में तर-बतर हो गया। अस्तबल का दरवाजा उसने स्वयं बंद किया था और उसमें ताला लगा दिया था। साहस करके वह छिपने के स्थान से बाहर आया तो उसने देखा कि दरवाजा खुला हुआ था और उसमें से बैसिल्का बाहर निकल रहा था। 

एलवियो को लगा कि मानो कोई अदृश्य शक्ति बैसिल्का को बाहर की ओर ले जा रही है। वह मारे भय के कांपने लगा। कुछ समय के बाद उसने देखा कि बैसिल्का अपने पिछले पैरों के बल पर खड़ा हो गया, मानो किसी सवार ने उसकी लगाम खींच ली हो। अगले पल वह जंगल की ओर दौड़ पड़ा। बैसिल्का और उसका प्रेतयोनि में पड़ा सवाल नेड केली समूचे फोंटावासियों के आतंक का कारण बने हुए हैं।

लोगों ने उसकी प्रेत बाधा दूर करने के लिए स्थानीय पादरी फादर फ्रांसिस से कुछ करने का अनुरोध किया। फादर फ्रांसिस ने टोना-टोटका कर नेड केली के प्रेत को भगाना चाहा, पर वे सफल नहीं हो सके। उनका कहना है कि मनुष्य के बजाय पशु प्रेत-संसार के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। 

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