अनसुलझे रहस्य-भुतहा किस्से ब्रिटेन के 

अनसुलझे रहस्य-भुतहा किस्से ब्रिटेन के 

अनसुलझे रहस्य-भुतहा किस्से ब्रिटेन के 

ब्रिटेन वह देश है जहां फ्रांस के बाद दूसरी औद्योगिक क्रांति हुई। अमेरिका और भारत जैसे बड़े देशों सहित तमाम देश ब्रिटेन के गुलाम रहे। ब्रिटेन में नामी विज्ञानी, लेखक, प्रगतिशील बुद्धिजीवी हुए। ब्रिटेन में प्रेस स्वतंत्रता भारत से ज्यादा है। विश्व का सबसे शक्तिशाली और विश्वसनीय प्रसारण माध्यम बीबीसी ब्रिटेन का है। ईश निंदकों (सलमान रूश्दी आदि) का आश्रयदाता ब्रिटेन ही है। बेनजीर भुट्टो, लिट्टे, एमक्यूएम आदि अनेक विदेशी राजनैतिक आंदोलनों का आश्रयदाता भी ब्रिटेन है। 

ब्रिटेन की उपलब्धियों, विशेषताओं पर ढेरों किताबें लिखी जा सकती हैं। यही ब्रिटेन शायद भूतों पर सबसे ज्यादा विश्वास करता है। एक अनुमान है कि रविवारीय प्रार्थनासभाओं में चर्चों में जितने लोग जाते हैं उससे कहीं अधिक लोग तांत्रिकों के पास जाते हैं। यहां राजा-रानियों तक के भूतों को देखने वाले लोग भी हैं।

अपराधियों का पता लगाने के लिए ब्रिटिश पुलिस (स्कॉटलैंड यार्ड) अनेक बार तांत्रिकों की मदद ले चुकी है। इंग्लैंड के नारफोक जिले में एक राजमहल है-ब्लिकलिंग। राजा हेनरी आठ ने अपनी रानी का कत्ल करवाने के लिए फ्रांस से एक अच्छा अनुभवी तलवारबाज बुलवाया था। राजा के आदेश पर उसने रानी ऐना की गर्दन काट दी थी। 

यह तारीख 19 मई, 1536 बताई जाती है। उस महल में भूतों को देखने का बहुतों ने दावा किया है। उनके अनुसार 19 मई को महल से एक बग्घी गेट तक आती है। घोड़े सिरकटे होते हैं, कोचवान (चालक) का सिर नहीं होता, कोचवान के पीछे रानी बैठी होती है, जो अपना सिर (कटा हुआ) हाथ में पकड़े रहती है। 

लोग यह भी दावा करते हैं कि 19 मई को बेटी ऐना की मौत का दुख प्रकट करने के लिए उसके पिता सर थामस बालिंन महल परिसर में भटकते हैं। कुछ लोग यह भी विश्वास करते हैं कि इंग्लैंड के यार्कमिस्टर के एक क्षेत्र में मध्यकाल में रोमन सेना युद्ध के दौरान खेत रही थी। 

उन मृत फौजियों की आत्माएं यहां आज भी भटकती हैं। इसकी चर्चा ‘गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स’ ने भी की है। ‘फोक, मिथ्स एंड लिजेंड्स ऑफ ब्रिटेन’ में कहा गया है कि कुत्ते और घोड़े भूतों-प्रेतों को देखने, अनुभूति करने की क्षमता रखते हैं। भूत का पूर्वाभास कुत्तों-भेड़ों को हो जाता है।

प्राचीन काल से ब्रिटिश यह मानते आए हैं कि बिल्ली और खरगोशों में भूत निवास करते हैं। बहतों का मानना है कि वृक्ष भी भूतों के घर होते हैं। भारत में भी यह माना जाता है कि पेड़ों पर भूत रहते हैं और यह भी कि आग, लोहा, गाय, घोड़ा और बैल से भूत दूर रहते हैं। 

‘बुक ऑफ फैक्ट्स एंड रेकॉर्ड्स’ में दर्ज एक घटना के अनुसार 1969 में कनाड़ा के एक पर्यटक आर.डब्ल्यू. हार्डी सपत्नीक इंग्लैंड आए। एक दिन वह घूमते-घूमते ग्रीनविच क्षेत्र में स्थित क्वीन पैलेस पहुंच गए। हार्डी ने उस पुराने वीरान महल की सीढ़ियों की फोटो खींच ली। फोटो जब बनवाई गई तो सीढियों पर दो छायाएं भी नजर आईं। हार्डी को ध्यान था कि फोटो खींचते समय सीढ़ियों पर और कुछ नहीं था। प्रकाश भी पर्याप्त था। उन छायाओं के बाबत महल के ‘केयरटेकरों’ से बात की। उन्होंने बताया कि उक्त छायाएं उन्होंने कई बार देखी हैं और कई बार सीढ़ियों पर सिर्फ पदचाप सुनी है। 

अनसुलझे रहस्य

मैडम पैट्रीशिया पोर्टमैन के अनुसार-एक शाम वह पति के साथ कार में जा रही थी तो इलिंग कॉमन चौराहे पर कार लालबत्ती के कारण रुकी। प्रतीक्षा के समय वह अपने बाईं ओर की सड़क के किनारे देखने लगी। उसने देखा कि फुटपाथ पर एक वृद्धा उसे देखकर मुस्करा रही थी। उसके चेहरे की झुर्रियां लटक रही थीं। चेहरे की कुछ हड्डियों पर मांस/त्वचा नहीं थी। विस्मय की बात यह थी कि बुढ़िया के पांव नहीं थे। किनारे पर एक छोटा-सा पौधा लगा था। पीछे देखा तो स्याह खंडहर नजर आए। 

वह कांप उठी। इतने में कार चल दी। घर लौट कर यह बात उसने अपने पति को बताई तो पति बोले कि तुम्हें धोखा हुआ है। वहां ऐसा कुछ नहीं है। संयोग से एकाध महीने बाद उनका फिर वहीं से गुजरना हुआ। उसने अबकी उधर जानबूझ कर देखा तो उसे घोर आश्चर्य हुआ। उस दिन वह बुढ़िया तो नहीं थी। मगर किनारे का वह पौधा उस दिन की अपेक्षा चार गुणा बड़ा हो गया था और स्याह खंडहरों की जगह चमचमाती रोशनी में नहाती बिल्डिंगें थीं। 

वह सोच नहीं पाई कि एक माह में पौधा चौगुना बड़ा कैसे हो गया और आलीशान ईमारतें कहां से आ गईं। बाद में अध्ययनों से पता चला कि इलिंग कॉमन चौराहे का कुछ क्षेत्र प्रेतग्रस्त था। 

कहना न होगा कि जिस ब्रिटेन ने एशिया से यूरोप तक तमाम देशों को कभी गुलाम बना रखा था और आज भी तमाम देश उसकी ‘हां’ में ‘हां’ मिलाते हैं, उसके अनुरूप अपनी नीतियां बनाते हैं, उसी ब्रिटेन के लाखों लोग भूत-प्रेतों के गुलाम हैं। पीटर अंडरवुड लिखित ‘गजट ऑफ ब्रिटिश घोस्ट्स’ के अनुसार प्रतिवर्ग मिल क्षेत्र के हिसाब से दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले इंग्लैंड में सबसे ज्यादा भूत हैं।