Amir kaise bane hindi-अमीरी का लक्ष्य

Amir kaise bane hindi

Amir kaise bane hindi-अमीरी का लक्ष्य

“वही लोग अपने व्यवसाय में सफल होते हैं, जो बुद्धिमत्ता से परामर्श करके दृढ़ संकल्पी बनते हैं, फिर गौरवमय होकर, बिना छोटी-मोटी कठिनाइयों से घबराए अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते हैं।” -विलियम हर्ट

कई साल बाद मैं अपने शहर गया। वहां काफी बदलाव महसूस किया। एक छोटा-सा कस्बा अब एक शहर बन चुका था। वहां मेरी मुलाकात एक ऐसे युवक से हुई जो छोटे से शहर में रेस्तरां चलाता था। पता चला कि आसपास के कई छोटे शहरों में उसके रेस्तरां चल रहे हैं। अगले साल तक 10-12 और रेस्तरां खोलने का उसका इरादा है।

छोटे शहर में रेस्तरां चलने की उम्मीद वैसे कम ही होती है। इसकी वजह यह होती है कि लोगों को घर में ही खाने की चीजें उपलब्ध हो जाती हैं। उन्हें बाहर की चीजें खाने की इच्छा ही नहीं रह जाती है। ऐसी स्थिति में यदि कोई छह रेस्तरां चलाए और इसकी संख्या बढ़ाने की सोचे तो इसे कमाल की ही बात कह सकते हैं। 

उस युवक का कहना था कि परेशान होने जैसी कोई बात नहीं है। जब मैंने अपना बिजनेस शुरू किया। उस वक्त मैंने अपना लक्ष्य बना लिया था कि मुझे क्या करना है? सभी प्रकार की तैयारियां मैंने पहले ही कर ली थीं। मेरे मन में किसी प्रकार की दुविधा नहीं थी, जो मेरे लिए उपयोगी साबित 

हाल ही में एक बिजनेस पत्रिका में प्रकाशित आंकड़ों के अनुसार अमीर बनने का सपना लेकर हर साल हजारों लोग अपना बिजनेस शुरू करते हैं। उनमें से 83 प्रतिशत लोग 5 साल के अंदर अपना बिजनेस समेट लेते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार बिजनेस बंद होने के अधिकतर मामले पैसों की कमी नहीं बल्कि लक्ष्य न होना या लक्ष्य से भटक जाना होता है। 

दुनिया में वही लोग कामयाबी का परचम लहराते हैं जो अपना लक्ष्य तय करते हैं और अपने उस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हमेशा लगे रहते हैं। उम्र, परिवार, जिम्मेदारी को भी बाधा नहीं बनने देते हैं। लक्ष्य को पूरा करने की ललक अमीर बनने के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण और अनिवार्य है। 

अपने लक्ष्य में सफलता हासिल करने के लिए पहले खुद की समीक्षा करें। अपने लक्ष्य तक पहुंचने के लिए यह जरूरी नहीं है कि कोई बहुत बड़ा बिजनेस ही करें। एक छोटे बिजनेस से भी आप यह मुकाम हासिल कर सकते हैं। 

वास्तव में देखा जाए तो अपने लक्ष्य पर नजर टिकाए रखना ही सफलता है। गुरु द्रोणाचार्य अपने शिष्यों को धनुष-विद्या सिखा रहे थे। उनके शिष्य में अर्जुन भी थे। गुरु द्रोणाचार्य ने सभी शिष्यों से एक पेड़ पर बैठी चिड़िया की आंख में निशाना लगाने के लिए कहा।

सभी तैयार हो गए। निशाना लगाने के पहले गुरु ने शिष्यों से पूछा, “तुम्हें पेड़ पर क्या दिखाई दे रहा है?” 

सभी का जवाब था, “पेड़ पर चिड़िया दिखाई दे रही है।” 

अर्जुन का कहना था, “मुझे चिड़िया नहीं दिखाई दे रही है।” अर्जुन की बात सुनकर सभी को बड़ा आश्चर्य हुआ। एक बार तो गुरु द्रोणाचार्य भी सकते में आ गए। अर्जुन यह क्या कह रहा है। सभी अर्जुन को गौर से देखने लगे। अर्जुन ने कहा, “मुझे चिड़िया नहीं सिर्फ चिड़िया की आंख दिखाई दे रही है।” 

अर्जुन की तरह लक्ष्य निर्धारित होना चाहिए। चिड़िया नहीं सिर्फ चिड़िया की आंख दिखाई दे अर्थात अमीर बनने का लक्ष्य ही दिखाई दे। बिना लक्ष्य के अमीर बनने की शुरुआत करना उस उड़ने वाले जहाज की तरह है, जिसे यह पता ही नहीं है कि उसे किस दिशा में जाना है। कहां पहुंचना है? लक्ष्य तय नहीं होगा तो आप उस तक पहुंचेंगे कैसे? आप अपने लक्ष्य के प्रति सचेत नहीं रहेंगे तो निश्चित ही भटक जाएंगे। सबसे पहले लक्ष्य निर्धारित करें। जब तक आपका लक्ष्य तय नहीं होगा तब तक आपको सफलता नहीं मिलेगी। 

अमीर बनने का आसान तरीका -अमीर बनने की शुरुआत 

“दो ही प्रकार के व्यक्ति वस्तुतः जीवन में असफल होते हैं। एक तो वे जो सोचते हैं, पर उसे कार्य का रूप नहीं देते और दूसरे वे जो कार्य का रूप परिणत तो कर देते हैं पर सोचते नहीं।” -थॉमस इलियट

आप अमीर बनने की शुरुआत करना चाहते हैं। लेकिन आपको यह पता ही नहीं है कि शुरुआत कहां से करें। इसमें परेशान होने जैसी कोई बात नहीं है, क्योंकि आप अकेले ही ऐसे व्यक्ति नहीं हैं। अमीर बनने के लिए ‘क्या करें, कहां से इसकी शुरुआत करें’ जैसी बातों को लेकर पहले अधिकतर लोगों की एक-सी हालत होती है।

एक पत्रिका में प्रकाशित एक लेख के अनुसार मनमाफिक नौकरी न मिलने, योग्यता के अनुसार वेतन या काम न मिलने, समय से अधिक काम करवाने, जिस काम के लिए रखा गया हो उसके बदले दूसरे काम भी करवाने, बॉस की डांट आदि की वजह से अनेक लोग अमीर बनना चाहते हैं ताकि उन्हें किसी दूसरे के सामने बार-बार अपमानित न होना पड़े। 

आंकड़ों के अनुसार 85 प्रतिशत लोगों को यह पता ही नहीं होता है कि अमीर बनने की शुरुआत कहां से करें। 15 प्रतिशत लोग इस बारे में बिना कुछ सोचे-समझे कोई भी काम शुरू कर देते हैं। 20 प्रतिशत लोग दूसरों की सफलता को देखकर काम शुरू कर देते हैं। जब वे सफल नहीं होते हैं तो खुद को दोष देने की बजाय दूसरों को दोष देते हैं या अपनी किस्मत को दोष देने लगते हैं। बिना सोचे-समझे, बिना तैयारी, बिना जानकारी के किसी भी काम को शुरू करना नुकसानदायक होता है। 

विशेषज्ञों के अनुसार अमीर बनने के लिए तीन बातों पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। पहली बात यह कि आप वही काम करें जिसके बारे में आपको अच्छी जानकारी हो। बिना जानकारी के किसी भी बिजनेस को शुरू करना नुकसानदायक साबित होता है।

दूसरी बात यह कि आप अपने किसी पहचान वाले, रिश्तेदार या दोस्त जो किसी काम को कर रहे हैं और उस काम में अच्छा पैसा कमा रहे हैं। उनसे कुछ गुर हासिल कर उस काम को शुरू कर सकते हैं। इस बात का ध्यान रखें कि जिससे सलाह लें, वह आपका हितैषी हो। कहीं ऐसा न हो कि वह आपको गलत सलाह दे दे और आपको नुकसान उठाना पड़े। तीसरी बात यह कि किसी विशेषज्ञ से सलाह लें और उसके निर्देश पर किसी काम की शुरुआत करें। 

किसी भी काम को शुरू करने के पहले उसके बारे में अपेक्षित जानकारी होनी ही चाहिए। जिस तरह से आप हॉकी, क्रिकेट, बॉलीबाल आदि किसी भी तरह के गेम के बारे में अपेक्षित जानकारी रखे बिना उस गेम को सही तरीके से नहीं खेल सकते और न ही जीत हासिल कर सकते हैं। गेम खेलने के पहले आपको गेम के नियम, गेंद का आकार व वजन कितना है, फील्ड की लंबाई-चौड़ाई, खिलाड़ियों की संख्या आदि के बारे में जानकारी होना जरूरी है। 

इससे भी अधिक आवश्यक है कि खेल का आरंभ कब, कहां और कैसे हुआ? अब किन-किन देशों में खेला जाता है। सबसे अधिक किन देशों में लोकप्रिय है? इस खेल के बड़े खिलाड़ी कौन-कौन हैं? उनकी उपलब्धियां क्या हैं? आदि बातों की जानकारी भी होनी चाहिए। तभी आप 

उस खेल के माहिर खिलाड़ी बन सकते हैं। इसी तरह अमीर बनने के लिए किसी भी कार्य को शुरू करने के पहले उसके बारे में सारी जानकारी होनी चाहिए। जिस कार्य को आप शुरू कर रहे हैं, उसके बारे में पूरी व सही जानकारी होना सफलता की शत-प्रतिशत गारंटी होती है।

चंदन के एक मित्र मुकेश की मसाले बनाने की फैक्ट्री थी। मुकेश की अच्छी कमाई को देखकर चंदन ने भी मसाले बनाने की फैक्ट्री शुरू कर दी। चंदन को इस बिजनेस के बारे में न कोई जानकारी थी, न ही कोई अनुभव था। उसने जितने जोर-शोर से काम शुरू किया था, उतने ही जल्दी वह काम बंद भी हो गया। 

इसकी वजह यह थी कि जो माल उसने मार्केट में भेजा था। वह अच्छी क्वालिटी का नहीं था। पुरानी मशीन से पीसे जाने की वजह से उसकी पिसाई भी अच्छी नहीं थी। उसके दाम अधिक थे। उसकी पैकिंग भी आकर्षक नहीं थी। जिसकी वजह से लोगों ने उसके माल को पसंद नहीं किया और चंदन को अपने काम में असफलता मिली।

अमीर बनने के लिए किसी काम की शुरुआत को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। यह कभी न सोचें कि काम शुरू करते ही आपको उसमें सफलता मिल जाएगी और आप रातोरात अमीर बन जाएंगे। 

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