Amir hone ka tarika-भय का भूत भगाएं 

Amir hone ka tarika

Amir hone ka tarika-भय का भूत भगाएं 

“भय सबसे बड़ा शत्रु है, जो अमीर बनने से रोकता है। यह भय तर्क शक्ति को निष्क्रिय कर देता है और कल्पना शक्ति को नष्ट कर देता है। आत्मविश्वास को मार डालता है। उत्साह को कम कर देता है। पहल करने की शक्ति को हतोत्साहित कर देता है। लक्ष्य को अनिश्चित बना देता है। टालमटोल को प्रोत्साहन देता है।” -नेपोलियन हिल्स*

अमीर बनने के लिए मन में भय को थोड़ा भी स्थान न दें। भय इंसान का सबसे बड़ा दुश्मन है। यह इंसान की सफलता को निगल लेता है। भय को अपने अंदर बिलकुल भी जगह न दें। यदि आप भय को अपनी आदतों में शुमार कर लेते हैं तो आपका जीवन नरक बन जाएगा। 

यह उत्साह को मिटा देता है। आत्म नियंत्रण की संभावना को नष्ट कर देता है। सटीक चिंतन की संभावना को नष्ट कर देता है। प्रयास की एकाग्रता को भंग करता है। लगन पर हावी हो जाता है। इच्छा शक्ति को शून्य कर देता है। महत्वाकांक्षा को नष्ट कर देता है। याददाश्त को धुंधला कर देता है और हर रूप में असफलता को आमंत्रित करता है।

 जब आप अपने ऊपर भरोसा नहीं करते हैं तो आपके शारीरिक व मानसिक हावभाव तथा मस्तिष्क के विचार की सूचना आपके अंदर अविश्वास का वातावरण पैदा कर देती है। आपका साहस शून्य हो जाता है। सफलता के लिए आपके कदम आगे नहीं बढ़ते हैं और आप वहीं के वहीं रुके रह जाते हैं। 

शॉपनेर कहते हैं, “हम हमेशा इस बारे में सोचते हैं कि हमारे पास क्या नहीं है। हम इस बारे में बहुत कम सोचते हैं कि हमारे पास कितना कुछ है। गरीबी का भय सबसे बड़ा विध्वंसक है। इसे आपको जीतना होगा। इस भय से पीड़ित व्यक्ति अच्छे कपड़े पहन सकता है। परंतु कपड़े के पीछे झुके हुए कंधों को वह नहीं छुपा सकता है, जो उसके गरीब होने के भय की कहानी को बयान कर देता है। सबसे पहले गरीबी का भय मन से निकालें। नहीं तो आपके लिए अगला कदम बढ़ाना मुश्किल होगा। इसे जब आप अपने दिमाग से पूरी तरह से निकाल देते हैं तो आप कामयाबी की ओर बढ़ने लगते हैं।” 

धीरूभाई काफी गरीब थे। कम पढ़े-लिखे थे। उन्होंने मन में कभी भी गरीबी और कम पढ़े-लिखे होने का भय उत्पन्न होने ही नहीं दिया। यदि उन्होंने मन में इन सब बातों का भय उत्पन्न किया होता तो वे कभी अमीर नहीं बन सकते थे। उन्होंने अपने मन से गरीबी व कम पढ़े-लिखे होने के भय को निकाल दिया और लोगों को यह दिखा दिया कि गरीबी व कम पढ़े होना अमीर बनने के लिए बाधक नहीं होते हैं। 

आप अमीर बनना चाहते हैं और आपके मन में किसी प्रकार का भय है, तो उसे बाहर निकाल फेंकिए। मन में किसी बात का भय लेकर यदि आप किसी कार्य को शुरू करेंगे तो आप हमेशा परेशानी में रहेंगे। कोई भी कदम उठाने से पहले आपके अंदर का भय किसी काम को करने से रोकेगा। आप अपने काम को आगे नहीं बढ़ा पाएंगे। याद रखें, जिस दिन आप अपने अंदर के भय को दूर कर देंगे, आपको अमीर बनने से कोई भी नहीं रोक सकता। 

Amir banne ke upay-बेशकीमती है समय 

“जो व्यक्ति एक घंटा समय बर्बाद करने की जुर्रत करता है, वह जीवन के मूल्य को नहीं समझ पाया।” -चार्ल्स डार्विन

आज का जमाना फास्ट है। हर कोई जल्दबाजी में है। सभी बिना रुके भाग रहे हैं। उनके पास रुक कर यह सोचने का समय नहीं है कि वह क्यों भाग रहे हैं। बिना सोचे भागने वाले समय की कमी का रोना रोते हैं। प्रत्येक इंसान को बराबर समय मिला है। सबके पास 24 घंटे हैं। फिर समय कम होने का रोना क्यों? अमीर व्यक्ति कभी भी समय कम होने का रोना नहीं रोते। बल्कि वे समय की खेती करते हैं।

‘समय की खेती’ सुनकर आप चौंकिए मत। यह काम आप भी कर सकते हैं। घर और ऑफिस की क्यारियों में समय के पौधे उगाएं। जरूरत पड़ने पर इसके फल तोड़ कर इस्तेमाल में लाएं। फिर देखें, आपके पास समय की कमी नहीं रहेगी। 

बुल्वर लिटन कहते हैं, “समय ही सबसे बड़ा धन है। जब तक आप समय की कीमत को नहीं समझेंगे तब तक आप सफलता का स्वाद नहीं चख सकते। कम समय में ज्यादा काम करने की क्षमता, समय का सही उपयोग, अपने समय का एक अंश भी बर्बाद न होने देना सबसे बड़ी समझदारी है। अपना समय बचाने के साथ-साथ दूसरों का समय भी बचाना बहुत अच्छी बात है। जो समय की कीमत को जानते हैं, वे समय के आगे निकल जाते हैं।” 

बिल गेट्स समय की कीमत को काफी कीमती मानते हैं। वे समय को किसी भी हाल में बर्बाद होने नहीं देना चाहते। इसके लिए वे कई काम एक साथ पूरा कर लेते हैं। अपने ढेर सारे काम मोबाइल फोन पर निर्देश देकर भी पूरा करवा लेते हैं। कहीं भी समय से पहुंचते हैं और अपने दिए गए समय पर वहां से निकल आते हैं। बिल गेट्स कभी भी टीवी नहीं देखते, उनका मानना है कि टीवी देखना समय की सबसे बड़ी बर्बादी है।

एक बार मैं पूर्व लोकसभा स्पीकर और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर जोशी के पास एक बुक रिलीज के लिए समय लेने गया। उन्होंने टाइटल पढ़ कर बुक के मैटर पर एक नजर दौड़ाई और रिलीज के लिए ‘हां’ कर दी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रोग्राम समय से शुरू होना चाहिए और समय से खत्म होना चाहिए। जिससे मैं अपने अगले प्रोग्राम में सही समय पर पहुंच सकू। जो अपने समय की कीमत को पहचानते हैं, वे दूसरों का समय भी नष्ट नहीं करते। यदि नेता या अभिनेता, अधिकारी या समाजसेवक अपने जीवन में इस बात को उतार लें तो हर किसी का कितना ही समय नष्ट होने से बच सकता है। 

थॉमस गोथे का मत है कि समय एक प्रकार का अमूल्य धन है। नष्ट किया हुआ भौतिक धन पुनः प्राप्त हो सकता है। पर नष्ट किया हुआ समय पुनः प्राप्त नहीं हो सकता। फ्रैंकलिन के अनुसार, “समय को नष्ट मत करो, क्योंकि यही जीवन का निर्माण अवयव है। जो ‘टाइम इज मनी’ को जान जाते हैं, अपना बेशकीमती समय नष्ट होने नहीं देते हैं, वे अपने समय की कीमत को वसूलने में लगे रहते हैं।” 

टाइम मैनेजमेंट गुरु जयवर्द्धन का कहना है, “किसी भी व्यक्ति को धन से अधिक अपने समय मैनेजमेंट पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। उसे अपने समय के एक-एक पल को सोच-समझ कर खर्च करना चाहिए। दिन-रात के चौबीस घंटे में अपने काम की प्राथमिकताओं को न्यूनतम और अधिकतम समय में निर्धारित करना होगा।” 

लक्ष्य तक पहुंचने के लिए यदि आप काम की प्राथमिकता तय नहीं करते हैं, तो सदैव काम की व्यस्तता में रह जाएंगे, अपने मुकाम तक पहुंचना आपके लिए मुश्किल हो जाएगा। अपने कार्य के अनुसार प्राथमिकता तय करें। अधिक महत्त्वपूर्ण काम को पहले करें। चेस्ट फिल्ड कहते हैं, “मेरी सलाह यह है कि तुम अपने मिनटों का ध्यान रखो, घंटे अपनी परवाह खुद कर लेंगे।”

क्या गैर जरूरी कार्य आपका समय निगल लेता है? इसमें दोष किसी अन्य का नहीं बल्कि आपका ही है। यदि आप अपने काम को अहमियत के अनुसार करें तो गैर जरूरी कार्य का नंबर ही नहीं आ पाएगा। इसे समझने के लिए चार्ल्स श्वाब ने अपना टाइम मैनेजमेंट कैसे किया, उसे जानें। 

एक बार अपने जमाने के स्टील किंग चार्ल्स मोटिवेशन गुरु एंड्रयू कारनेगी के पास गए और उन्हें अपनी समस्या बताते हुए सलाह मांगी। कारनेगी ने उन्हें एक सप्ताह अपने साथ रुकने के लिए कहा और सलाह देने के बदले 25 हजार डॉलर मांगे। चार्ल्स उसके लिए राजी हो गए। 

उनके साथ एक सप्ताह तक रहने के बाद चार्ल्स ने जो बात सीखी वह यह थी कि अपने कार्य को 1, 2, 3 नंबर देना। अपने सबसे महत्वपूर्ण काम को सबसे पहले करना, दूसरे नंबर पर उससे कम महत्वपूर्ण वाले और तीसरे नंबर पर उससे भी कम महत्वपूर्ण काम को पूरा करना। इस तरह हर काम की प्राथमिकता को तय कर उसे नंबर देते गए। चार्ल्स ने जब इस फॉर्मूले को आजमाया तो उनकी दुनिया ही बदल गई। अगले कुछ वर्षों में वे दुनिया के अमीर लोगों की लिस्ट में शामिल हो गए। 

जब आप किसी काम की प्राथमिकता तय कर लेते हैं तो काम करने में आसानी हो जाती है। अमीर बनना चाहते हैं तो आप भी अपने कामों को प्राथमिकताओं के अनुसार बांट लें और स्फूर्ति से हर काम को निपटाएं। इससे कम समय में अधिक काम पूरा हो जाता है। टालमटोल न करें। अवसर को न जाने दें। समय की कमी का रोना रोने की बजाय उसकी खेती करें। यानी अपने 24 घंटे को किस तरह से 48 घंटे में बदल सकते हैं, इस कोशिश में लगे रहें। 

क्या आपको काम करने के लिए 24 घंटे भी कम पड़ते हैं और आप हमेशा समय का रोना रोते हैं। इसके लिए आप स्वयं तलाश करें कि आपका समय कहां गुम हो जाता है। स्वेट मार्डेन का कहना है, “ईश्वर एक बार एक ही क्षण देता है और दूसरे ही क्षण देने के पूर्व उस क्षण को ले लेता है।” सर वाल्टर रैले से एक व्यक्ति ने पूछा, “आप इतने कम समय में इतना अधिक काम कैसे कर लेते है?” उन्होंने कहा, “मुझे जो काम करना होता है, उसे मैं उसी वक्त खत्म कर देता हूं। ” __ अमीर बनना चाहते हैं तो आप भी किसी काम को तुरंत पूरा करें। उसे कल के भरोसे न टालें। जो भी काम करें हमेशा सावधानी के साथ करें। असावधानी से किया गया कार्य बिगड़ जाता है। इसके लिए उस काम को दुबारा करना होता है। इससे आपका काफी समय खराब हो जाता है। कई काम एक साथ भी न करें। इससे ढेर सारी परेशानियां उत्पन्न होती हैं। काम समय से पूरा होने की संभावना नहीं रहती। 

बनाए रखें जोश

“अपनी युवावस्था में मैंने देखा कि मेरे दस में से नौ काम असफल होते थे। मैं नहीं चाहता था कि मेरा जीवन असफल हो, इसलिए मैंने दस गुना अधिक जोश से काम किया।” -जॉर्ज बर्नार्ड शा

आप अमीर बनना चाहते हैं तो आपको अपने मन में अमीर बनने का जोश बनाए रखना होगा। जोश एक तरह की ऊर्जा है जो चेतना में रह कर ताकत प्रदान करती रहती है। वह आपको आपके लक्ष्य के प्रति सचेत रखती है। यदि मन में जोश है तो आप एवरेस्ट की चोटी पर पहुंच सकते हैं, इंगलिश चैनल पार कर सकते हैं, ज्वालामुखी के अंदर उतर सकते हैं।

बार-बार सफलता और असफलता, जीत और हार, पाने और खोने के बीच बहुत ही कम अंतर होता है। सफलता उन्हीं लोगों के हाथों आती है जिनके अंदर जोश होता है। भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद का कहना था कि जोश भाप की तरह होता है। अगर भाप की ताकत का सही इस्तेमाल किया जाए तो वह रेल का इंजन खींच सकती है, वरना हवा में उड़कर व्यर्थ में नष्ट हो जाती है। अपने जोश को हवा में उड़ा कर व्यर्थ न जाने दें। इसकी ताकत को पहचान कर इसका सही इस्तेमाल करके आप अमीर बन सकते हैं। 

कई बार देखा गया है कि कुछ लोग अमीर बनने के लिए अपने काम की शुरुआत बड़ी तेजी के साथ करते हैं, लेकिन धीरे-धीरे उनका जोश ठंडा होने लगता है। ऐसी स्थिति उत्पन्न होने का कारण है उनके अंदर का जोश खत्म हो जाना। जोश खत्म होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे-मन माफिक सफलता न मिलना, कर्मचारियों का सहयोग न मिलना, जाने-अनजाने भय, अन्य किसी तरह की परेशानियों से घिरा होना आदि। 

जोश को बनाए रखने के लिए बिजनेस के हर पहलू पर ध्यान देने की आवश्यकता होती है। जोश का खत्म हो जाना एक बड़ी समस्या है। यह आगे बढ़ने की शक्ति को छीन लेता है। लिहाजा, इस मामले में विशेष सावधानी की जरूरत होती है। हर हाल में अपने जोश को बनाए रखें, ताकि सफलता प्राप्त कर सकें। कहने का मतलब यह है कि आपके अंदर जोश है तो अपने भविष्य को संवार सकते हैं। इस ऊर्जा को सही काम में लगा सकते हैं। जोश में भी अपने होश को बनाए रखना चाहिए। विनोद ने पूरे जोश से टायर बनाने की फैक्ट्री शुरू की। वह दिन-रात पूरे जोश से मेहनत करता रहा, लेकिन अपने जोश के साथ होश को बनाए रखने में वह नाकामयाब रहा। इससे उसे असफलता का मुंह देखना पड़ा। 

यही नहीं अपने जोश के साथ कर्मचारियों के जोश को भी बनाए रखें। उनके साथ मिल कर उन्हें काम करने के लिए लगातार प्रेरित करते रहें। जब आप कर्मचारियों का जोश बनाए रखने की कोशिश करते हैं तो उन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है, जो कंपनी के लिए फायदेमंद होता है।

जोश को हमेशा जोश की तरह बनाए रखें। आप में जोश ऐसा होना चाहिए जो आपको शिखर पर पहुंचाए। जोश ऐसा हो जो सफलता की राह दिखाए। जोश ऐसा हो जो मंजिल तक पहुंचाए। जोश में कभी भी होश न खो बैठे। 

अपने काम के दौरान इसे विस्तार देने की न सोचना, नई प्लानिंग न करना, टालमटोल करना जैसी बातें इस बात का संकेत हैं कि आपके अंदर अमीर बनने का जोश खत्म हो गया है। मनोवैज्ञानिक कहते हैं कि लोग अक्सर जोश में होश खो बैठते हैं। जिसकी वजह से उन्हें ऐच्छिक सफलता नहीं मिल पाती। इसीलिए आप भी अपने जोश को बनाए रखें, लेकिन ध्यान रखें कि अधिक जोश में न रहें। अधिक जोश आसमान को छूने की ललक को धराशायी कर देता है। ध्यान रखें, जोश में होश खोना आपके लिए माइनस पॉइंट है। 

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