Amir banne ke upay-डिग्री ही सब कुछ नहीं

Amir banne ke upay

Amir banne ke upay-डिग्री ही सब कुछ नहीं

“जब तक हम किसी काम को असंभव मानते हैं तब तक उसे करना संभव नहीं होता। वह तभी संभव होता है जब हम उसे संभव मान लें।” –सर रॉजर बैनिस्टर *

अमीर बनने के लिए डिग्री या डिप्लोमा ही सब कुछ नहीं है। डिग्री के साथ मेहनत, बुद्धि, लगन और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए लगातार प्रयास करते रहने की भी आवश्यकता होती है। यदि आपके पास ऊंची डिग्री है, लेकिन आप मेहनत नहीं करना चाहते। अमीर बनने के लिए प्रयास नहीं करेंगे। अपनी बुद्धि का उपयोग नहीं करेंगे और बैठे-बैठे ही बिना कुछ किए आप अपने लक्ष्य तक पहुंचना चाहते हैं, तो यह संभव नहीं है। अमीर बनने के लक्ष्य को पाने के लिए आपको पूरी लगन और मेहनत करने की आवश्यकता होगी। 

यहां पर मैं कमल और अनिल नाम के दो व्यक्तियों के बारे में बताना चाहूंगा। कमल के पास बिजनेस मैनेजमेंट की डिग्री थी। उसने अपना काम शुरू किया। उसके पास डिग्री तो थी लेकिन उसमें होशियारी यानी बुद्धि की कमी थी। जिसकी वजह से वह अपने कर्मचारियों से काम नहीं करवा पाता था। वहीं अनिल के पास बिजनेस मैनेजमेंट की ऊंची डिग्री तो नहीं थी, लेकिन इसके बावजूद वह अपनी लगन और मेहनत से सफलता की सीढ़ी चढ़ता जा रहा था। अनिल के पास एक खूबी थी कि वह बुद्धिमान था। लोगों से काम करवाने की होशियारी उसमें थी, जो कमल के पास नहीं थी। ___ अमीर बनने के लक्ष्य में सफलता पाना चाहते हैं तो सिर्फ काम के विषय में जानकारी होना ही काफी नहीं है, उस काम को किस तरह से पूरा करवाया जाए, इसकी जानकारी भी होनी चाहिए। यहां एक मजेदार किस्सा बताना चाहूंगा। चार दोस्त मुंबई से पूना कार से जा रहे थे। उनमें से एक वकील, दूसरा डॉक्टर, तीसरा इंस्पेक्टर और चौथा एक कंपनी का सीईओ था। पूना हाई-वे पर उनकी कार सरपट भागी जा रही थी। अचानक उनकी कार का पिछला पहिया पंक्चर हो गया। गाड़ी साइड में लगाई गई। 

चारों व्यक्ति कार से उतर गए। एक ने जैक लगाया, दूसरे ने चक्का खोला और तीसरा चक्का लगाने लगा। इतने में एक के हाथ से चक्के के चारों बोल्ड खाई में गिर गए। बिना बोल्ट के चक्का लगाना मुश्किल था। अब क्या करें? चारों परेशान। दूर-दूर तक उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। चारों ने मोबाइल लगाने की कोशिश की लेकिन वहां नेटवर्क नहीं था। चारों परेशान हो गए। इतने में वहां जंगल से एक चरवाहा अपने जानवरों को हांकता हुआ आया। 

उन्होंने चरवाहे से पूछा कि यहां मैकेनिक कहां मिलेगा? चरवाहे ने पहाड़ी की ओर इशारा करते हुए कहा कि यहां से दस किलोमीटर दूर पहाड़ी के उस पार मैकेनिक मिलेगा। यह सुनकर चारों परेशान हो गए। अब क्या करें, उनकी समझ में कुछ नहीं आ रहा था।

उनमें से एक ने चरवाहे से कहा, “गाड़ी के चक्के के बोल्ट खाई में गिर गए हैं, क्या तुम उन्हें ढूंढ़ कर ला सकते हो?”

“क्या सा’ब, छोटे-छोटे बोल्ट खाई में कहां दिखाई देंगे। आप लोग कार के तीनों चक्कों में से एक-एक बोल्ट निकाल कर इस चक्के में क्यों नहीं लगा लेते?” चरवाहे की बात सुनकर चारों एक दूसरे का मुंह देखने लगे। 

उन चारों व्यक्तियों के पास बड़ी-बड़ी डिग्री तो थी, लेकिन तुरन्त समस्या से निपटने की सूझ-सूझ नहीं थी। तभी तो उनके दिमाग में यह बात नहीं आई की कार के तीन अन्य चक्कों में से बोल्ट निकाल कर काम चलाया जा सकता है। 

कहने का मतलब यह है कि डिग्री ही सबकुछ नहीं होती है। सफल होने के लिए डिग्री के साथ-साथ बुद्धि का होना भी जरूरी है। रमेश और विपुल एक कंपनी में इंटरव्यू देने के लिए गए। विपुल की डिग्री रमेश से अच्छी थी। कंपनी ने इसके बावजूद रमेश को चुना। इसकी वजह थी इंटरव्यू में जो कुछ पूछा गया था, रमेश ने उसका जवाब बड़ी ही होशियारी से दिया था। 

रमेश के पास छोटी डिग्री होने के बावजूद इंटरव्यू में उसने खुद को विपुल से अधिक योग्य व श्रेष्ठ सिद्ध कर दिया। जिसके कारण कंपनी ने उसे चुन लिया। काम में निपुण होने के साथ-साथ बुद्धिमान होना भी जरूरी है। बुद्धिमान व्यक्ति ही अमीर बन सकता है। वह बड़ी होशियारी से रुपये कमा सकता है। अमीरी की लिस्ट में शामिल हो सकता है। 

Amir banne ke tips in hindi- सकारात्मक ऊर्जा 

“हमेशा आगे बढ़ते रहने और विश्वास करने से कठिनाई दूर हो जाती है और दिखाई देने वाली असंभव्यता नष्ट हो जाती -जेरिमी कोलियर

हाल ही में जब अमेरिका की अर्थव्यवस्था एक बार फिर पटरी से उतरती दिखाई देने लगी तो वहां के वित्त मंत्री ने अपने कुछ मिनट के साक्षात्कार में दर्जनों बार सकारात्मक और आत्मविश्वास शब्द का इस्तेमाल किया था। किसी भी परिस्थिति में सकारात्मक विचार शरीर के अंदर सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं। यदि आपके अंदर सकारात्मक ऊर्जा नहीं है तो किसी काम को शुरू करने पर उस काम को अच्छी तरह से पूरा नहीं कर सकते। जैसे-तैसे काम को शुरू भी कर लेते हैं, लेकिन उसे मंजिल तक ले जाना आपके लिए मुश्किल होगा। अपने अंदर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा पैदा करें।

मन में सकारात्मक ऊर्जा होने पर हमें साहस, बल, आशा मिलती है, जो नए काम को उत्साहपूर्वक करने के लिए तथा सफलता की ओर आगे बढ़ने के लिए शरीर में जोश पैदा करती है। यह आलस्य को दूर भगाती है और लगातार प्रयास करते रहने के लिए प्रेरित करती है। साथ ही बिगड़ा काम फिर से पटरी पर लाने के लिए साहस उत्पन्न करती है, उपाय सुझाती है और कामयाबी तक पहुंचाती है। 

जिस तरह किसी प्रतियोगिता में सामने वाले को हटाने के लिए जीतने वाली मानसिकता की आवश्यकता होती है। उसी तरह अमीर बनने के लिए सकारात्मक ऊर्जा की आवश्यकता होती है। क्योंकि सकारात्मक ऊर्जा आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती है। किसी काम को पूरा करने व लक्ष्य तक पहुंचने के लिए आपको उकसाती रहती है। 

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार हर किसी के अंदर एक सकारात्मक ऊर्जा और एक नकारात्मक ऊर्जा होती है। नकारात्मक ऊर्जा हमेशा डराने व पीछे हटने वाली बात करती है। सकारात्मक ऊर्जा हमेशा जोश व उत्साह के साथ आगे बढ़ने की बात करती है। जब आप नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर हावी होने देते हैं, तो वह आपको हरा देती है और यदि आप लंबे समय तक नकारात्मक ऊर्जा के वश में रहते हैं तो आप भी उसी की तरह व्यवहार करने लगते हैं। धीरे-धीरे आप निराशा, चिंता व तनाव की स्थिति में चले जाते हैं। 

मनोचिकित्सकों का मानना है कि अपने अंदर की नकारात्मक ऊर्जा को जल्दी कन्ट्रोल करने की जरूरत होती है। यदि इसे जल्दी से कन्ट्रोल न किया गया तो इंसान गहरी निराशा, चिंता व तनाव की स्थिति में चला जाता है। जिसकी वजह से व्यक्ति खाना-पीना, हंसना-बोलना, मिलना-जुलना आदि बंद कर देता है। नकारात्मक ऊर्जा शारीरिक और मानसिक दोनों तरह से नुकसान पहुंचाती है। 

नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर से दूर निकालना बड़ा आसान है। इसे भगाने के लिए सकारात्मक ऊर्जा को मजबूत करें। आपकी आंतरिक ऊर्जा जितनी सशक्त होगी, आपको उतने ही अधिक सकारात्मक विचार मिलेंगे। सकारात्मक विचार, नकारात्मक ऊर्जा को दूर भगा देता है। अमीर बनने के लिए आपके अंदर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा होनी चाहिए। 

जब आप ‘कैप्टन ऑफ द शिप’ हैं तो आपके अंदर हमेशा सकारात्मक ऊर्जा होनी चाहिए। कैप्टन कमजोर पड़ गया तो पूरी टीम कमजोर पड़ जाएगी। आगे बढ़ना मुश्किल हो जाएगा। यदि आप अपने अंदर सकारात्मक ऊर्जा को स्थान देने के साथ-साथ अपने कर्मचारियों के मन में भी सकारात्मक ऊर्जा को भरने में कामयाब हो जाते हैं तो आपको अमीर बनने से कोई नहीं रोक सकता। 

आप में सकारात्मक ऊर्जा देखकर आपके कर्मचारियों में भी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होने लगता है। आपको पूरे जोश व उत्साह से काम करते देखकर वे भी आपके साथ दोगुनी फुर्ती व मेहनत से काम करने लगते हैं। इसमें कंपनी के साथ-साथ उनकी उन्नति भी जुड़ी होती है। 

इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि आपके आसपास सकारात्मक ऊर्जा वाले लोग होने चाहिए। यदि आपकी टीम में नकारात्मक ऊर्जा वाले लोग हैं तो उन्हें निकाल दूर करें। नकारात्मक ऊर्जा वाले सकारात्मक ऊर्जा को सोख लेते हैं और उनके अंदर भी नकारात्मक विचार भर देते हैं। अमीर बनने के लिए आपको हमेशा सकारात्मक ऊर्जा वाले लोगों को ही तवज्जो देने की जरूरत है। 

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