Amir banne ke liye motivational tips-कर दिखाएं जो करना हो 

Amir banne ke liye motivational tips-

Amir banne ke liye motivational tips-कर दिखाएं जो करना हो 

“व्यक्ति को अपने सामने एक ही साध्य रखना चाहिए, उस साध्य के सिद्ध होने तक दूसरी किसी बात की ओर ध्यान नहीं देना चाहिए। रात-दिन सपने तक में उसी धुन में लगे रहना चाहिए। तभी किसी कार्य में सफलता मिलती है।” -स्वामी विवेकानंद

आज नहीं, कल की पसोपेश में न पड़ें। इस पसोपेश में रहेंगे तो जिंदगी पसोपेश बनकर रह जाएगी। तुरंत सोचें मजबूत तथा सकारात्मक का तड़का लगाएं और कूद पड़ें अपने लक्ष्य के प्रति। सफलता आपके सामने होगी और आपका सपना हकीकत बन जाएगा। देर न करें, कल पर न टालें।

आज से ही शुरुआत करें। हर काम को आज ही पूरा करने का लक्ष्य बना लें। एक कहावत तो आपने सुनी ही होगी कि कल कभी नहीं आता। फिर कल का इंतजार क्यों? जीवन का लक्ष्य बना लें कि कल करे सो आज कर, आज करे सो अब। 

जो कल का इंतजार करते हैं। वे इंतजार करते ही रह जाते हैं। उनके लिए कल कभी भी नहीं आता है। सब कुछ आज पर निर्भर है। आज प्रगति का सूचक है। आज भविष्य की संभावना है। जो आज पर मेहरबान होता है, वह सब कुछ पा लेता है। कुछ कर दिखाना चाहते हैं तो आज पर विश्वास करें। कर दिखाएं कि आप क्या करना चाहते हैं। 

चार्ल्स कैडरिन ‘जनरल मोटर्स रिसर्च कॉर्पोरेशन’ के वाइस प्रेसिडेंट थे। वे लंबे समय तक बड़े हैंडिल की बजाय छोटी-सी चाबी घुमा कर स्टार्ट करने वाली मोटरगाड़ी बनाने में लगे रहे। शुरू में ‘जेड’ आकार के एक बड़े हैंडिल को घुमा कर मोटरगाड़ी को स्टार्ट करना पड़ता था। यह हर किसी के लिए सुविधाजनक भी नहीं था। इसके लिए किसी-किसी को काफी परेशान होना पड़ता था। 

चार्ल्स जब हैंडिल की बजाय एक छोटी-सी चाबी से स्टार्ट करने के रिसर्च में लगे तो लोग उनके बारे में अनेक तरह की बातें करने लगे। लोगों का मानना था कि इतनी बड़ी गाड़ी एक छोटी-सी चाबी से कैसे स्टार्ट हो सकती है। ऐसा होना असंभव है। चार्ल्स को इन सब बातों से कोई फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने अपना शोध उसी दिन से शुरू कर दिया जिस दिन से उन्होंने मोटर-गाड़ी के लिए एक छोटी चाबी बनाने के लिए सोच लिया था। उन्होंने यह करिश्मा आखिर कर दिखाया। 

छोटी-सी चाबी से मोटर स्टार्ट होने लगी। यह सब कमाल है चार्ल्स कैडरिन का, जिन्होंने छोटी-सी चाबी से मोटर स्टार्ट करने के बारे में सोचा और उसे बनाने में जुट गए। अंततः सफलता उनके हाथ लगी। 

जब वे अपना पेटेंट लेने पहुंचे। उनके बाद अनेक लोग ऐसी ही चाबी पेटेंट करवाने के लिए पहुंचे। क्योंकि सबसे पहले चार्ल्स पहुंचे थे। यह पेटेंट उन्हें ही दिया गया। यदि अपना काम शुरू करने में थोड़ी भी देर की होती तो यह पेटेंट किसी और के नाम होता।

अपनी सफलता के राज के बारे में चार्ल्स ने बताया था कि एक दिन पत्थर का टुकड़ा उन्हें मिला था। जिस पर आज लिखा हुआ था। आज ही मेरे विश्वास का प्रतीक बना है। मैंने किसी भी काम को टालने के बजाय आज करने की ठान ली। बीते कल पर ध्यान नहीं दिया। आने वाले कल पर गौर नहीं किया।

मैं अपने काम में पूरी लगन से लगा रहा। कोशिश को जारी रखा। सिर्फ आज… सिर्फ आज और सिर्फ आज पर अपना ध्यान केन्द्रित रखा। और ‘आज’ में सफल हूं। किसी काम को आज से शुरू करना ही सफलता का प्रतीक है। आज मुझे जो सफलता मिली है वह अपने काम को आज पूरा करने की वजह से मिली है।

जो भी करो आज करो और सफल हो जाओ। ‘आज’ पर विश्वास करना, आज में जीना, आज को पहनना, आज को ओढ़ना अमीरी की ओर ले जाता है। जो बीत गया उसे भूल जाएं। जो आज है उसे याद करें। जो कुछ करना है आज करें। आने वाला कल भी ‘आज’ बन कर ही आपके सामने आता है। फिर कल का इंतजार क्यों? क्योंकि कल कभी नहीं आता है। कल हमेशा कल ही बना रहता है। आज सिर्फ आज होता है। 

Amir banne ke liye motivational tip- जुनून जरूरी है

 “प्रबल इच्छा का अर्थ है एक लक्ष्य बनाना, फिर कार्य की योजना बनाना, जो आपको उस लक्ष्य तक पहुंचाए और फिर उस काम में तब तक जुटे रहना, जब तक कि लक्ष्य हासिल न हो जाए। सबसे महत्त्वपूर्ण तत्व है जुनून होना।” -माइकल हसन

क्या आप ऐसे कोई व्यक्ति को ढूंढ कर ला सकते हैं, जिसमें जुनून न हो और वह सफलता की ऊंचाइयों को छुआ हो। अर्थशास्त्र के विशेषज्ञ मार्टिन हिंगस बारबार दोहराते हुए कहते हैं कि सफलता की ऊंचाइयों को छूना है तो जुनूनी बनें, जुनूनी बनें, जुनूनी बनें। जिस चीज को हासिल करना चाहते हैं, उसका जुनून होना जरूरी है। तब जाकर सफलता आपके कदमों में होगी। 

अमीर बनाना चाहते हैं तो रुपये कमाने का जुनून हो, एक सफल बिजनेसमैन बनना चाहते हैं तो बिजनेसमैन बनने का जुनून हो, कुछ कर दिखाना चाहते हैं तो आपके अंदर उस बात के प्रति जुनून होना जरूरी है। तभी उसे हासिल किया जा सकता है। अगर किसी में बिजनेस करने का जुनून हो और नया कुछ करने का विचार हो तो उसे दुनिया की कोई भी ताकत सफल होने से नहीं रोक सकती। आपके अंदर भी सफल कारोबारी बनने का जुनून है, कुछ कर दिखाने का जुनून है। आपके अंदर दौलत कमाने का जुनून इस तरह से समाया हुआ है कि उठते-बैठते, सोते-जागते आपको सिर्फ दौलत कमाने की ही धुन सवार है तो आप कम रुपये में भी अपना काम शुरू करके अमीर बन सकते हैं। 

घोड़ों को रेस के लिए तैयार करने का काम पुरुषों द्वारा ही किया जाता है। इस क्षेत्र में एक महिला द्वारा इस काम को करना असंभव ही माना जाता था, लेकिन अमिता मेहरा ने यह कर दिखाया। उन्होंने यह दिखा दिया कि मन में किसी काम को करने का जुनून हो तो किसी काम को पुरुष ही नहीं बल्कि उस काम को महिला भी कर सकती है।

अमिता मेहरा के अंदर जुनून था। वह भी घोड़ों को रेस के लिए तैयार करना चाहती थी। जब उसने अपने पिता के सामने यह बात रखी कि वह भी यह काम करना चाहती है। तब उसके पिता ने समझाया कि यह काम पुरुषों का है। यह तुम नहीं कर सकतीं। अमिता ने अपने पिता की बात नहीं मानी। वह इस काम को करने की जिद करती रही। अमिता के अंदर इस काम को करने की जिद और जुनून को देखकर उसके पिता ने सीखने की अनुमति दे दी। 

बेहतरीन किस्म के घोड़ों को रेस के लिए तैयार करना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन अमिता मेहरा के जुनून ने वह काम कर दिखाया। बचपन से अमिता को घोड़ों के प्रति एक विशेष लगाव था। वह हमेशा घोड़ों को रेस के लिए तैयार करने के बारे में सोचती रहती थी। जब वह इस बारे में किसी से चर्चा करती तो उसे इस काम को करने के लिए मना किया जाता। उसे समझाया जाता था कि यह पुरुषों का काम है। इसे महिलाएं नहीं कर सकती हैं। 

अमिता ने हॉर्स ट्रेनिंग के लिए तैयारी शुरू कर दी। सन् 1990 में उसने आयरलैंड स्थित आइरिश नेशनल स्टड सेंटर से ‘अश्व विषयक’ में डिप्लोमा हासिल किया। इस डिप्लोमा को हासिल करने वाली वह पहली भारतीय महिला थी। अमिता ने भारत आकर रेस के लिए घोड़ों को ट्रेनिंग देना शुरू किया और इंडियन डर्बी का खिताब भी हासिल किया। 

आज वह देश की एक व्यस्त हॉर्स ट्रेनर है। अमिता के हॉर्स ट्रेनर बनने के जुनून ने ही उसे शौहरत और दौलत दी। उषा स्टड फॉर्म के घोड़ों ने अनेक रिकॉर्ड कायम किए हैं। पिछले 25 सालों में 150 विजेता घोड़े इसी फॉर्म की देन हैं। जिनमें आठ इंडियन डर्बी चैंपियन और छ: इंडियन टर्फ इन विटेशन कम विजेता हैं।

आप अमीर बनना चाहते हैं तो आप में अमीर बनने का जुनून होना चाहिए। क्योंकि जुनून उन चीजों को हासिल करवाता है, जो आप पाना चाहते हैं। आपका जुनून जितना जबर्दस्त होगा, आपकी कामयाबी भी उतनी ही जबर्दस्त होगी। हेनरी फोर्ट कहते हैं कि अगर आप में जुनून है, तो आप कुछ भी हासिल कर सकते हैं। जुनून सभी प्रगति का स्रोत है। यह नहीं तो सिर्फ बहाने हैं।

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