Amazing facts in hindi-खेल से जुड़ी रोचक जानकारी

Amazing facts in hindi-

Amazing facts in hindi-खेल से जुड़ी रोचक जानकारी

सन् 1972 के म्यूनिख ओलिंपिक के दौरान रूस और अमरीका के मध्य बास्केटबाल का फाइनल मैच खेला जा रहा था। सिर्फ छः सेकंड बाकी थे और रूसी 49-48 से जीत रहे थे। इसी समय अमरीकी खिलाड़ी कोलिन्स को फाउल कर देने के स्वरूप अमरीका को दो फ्री थ्रो मिले और उन्होंने स्कोर 50-49 कर दिया तथा जीत की खुशी मनाने लगे। इसी समय एक से बुल्गारियन रैफरी ने प्रतिरोध किया कि अभी एक सेकंड का खेल बाकी है। फलस्वरूप अमरीकियों को एक सेकंड का खेल फिर खेलना पड़ा। वे दुबारा खुशी मनाने ही लगे थे कि एक ब्रिटिश अधिकारी ने विरोध प्रकट कर बताया कि अभी तीन सेकंड का खेल बाकी है। फलस्वरूप अमरीकियों को तीसरी बार मैदान में उतरना पड़ा। सिर्फ इन्हीं तीन सेकंडों में रूसी खिलाड़ी अलेक्जेंडर बेलोव को दो बार फाउल खेलने का अवसर मिल गया, जिसमें उसने स्कोर 51-50 रन करके रूस को विजय दिलवा दी।

सन 1936 में भारत के विरुद्ध इंग्लैंड की टीम गेंदबाजी कर रही थीं। गेंदबाज एल्फ गोवर अपने रन-अप से दौड़ता हुआ आया तथा बिना बॉल फेंके अम्पायर, पिच और दर्शकों को पार करता सीधा पैवेलियन में जा घुसा। पता चला कि पेट में अचानक पैदा हए जबर्दस्त प्रेशर के कारण उसे हाथ में बॉल पकड़े-पकड़े शौचालय में घुसना पड़ा था। 

किसी भी खेल में विजेता को पदक प्राप्त करने के लिए उस खेल में भाग लेना जरूरी है, चाहे एक अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में ही हो। परन्तु किसी खिलाड़ी को घर बैठे ही अन्तरराष्ट्रीय पदक मिल जाएं, तो आप क्या कहेंगे ? सन् 1962 के एशियाई खेलों में भारतीय हॉकी टीम के गोलकीपर आर.ए. क्रिस्टी को भारतीय टीम के लिए चुना गया, परन्तु ऐन वक्त पर विदेशी – मुद्रा के अभाव के कारण वह साथ जा नहीं सका। जकार्ता में हुए फाइनल में पाकिस्तान से हारने के कारण भारत को रजत पदक ही मिल सका, परंतु हॉकी टीम के स्वदेश लौटने पर आर.ए. क्रिस्टी को घर बैठे ही स्वर्ण पदक मिल गया।

 

Amazing facts in hindi-

बर्लिन में 1936 ओलिंपिक के दौरान 100 मीटर की दौड़ में पूर्व ओलिंपिक विजेता पोलैंड की स्टेलावाल्स के जीतने की पूर्ण आशा थी, परंतु अंतिम समय में अमरीकी धाविका हैलन स्टीफेंस 2 बाजी मार ले गई। क्रोधित पोलैंडवासियों ने आरोप लगाया कि हैलन स्टीफेंस औरत के वेश ई में एक पुरुष है। तीव्र विवाद खड़ा हो गया। अंततः चार घंटों के बाद अधिकारियों के फैसले के अनुसार महिला अधिकारियों के समक्ष हैलन स्टीफेंस को सर्वथा निर्वस्त्र होकर यह विश्वास  दिलाना पड़ा कि वह एक पूर्ण महिला ही है, कोई पुरुष नहीं। तभी उसे विजेता घोषित किया गया।

दक्षिण अफ्रीका में नेत्रहीन व्यक्तियों के क्रिकेट खेलने के लिए एक ऐसी गेंद बनाई गई थी, जिसमें छोटी-छोटी घंटियां लगी थीं। जब यह गेंद फेंकी जाती थी तो घंटियां बज उठती थीं और बल्लेबाज को पता लग जाता था कि गेंद आ रही है। यह बॉल लार्ड्स की क्रिकेट गैलरी में आज भी देखी जा सकती है। 

More from my site

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

thirteen + 15 =