अब्राहम लिंकन से जुड़ी अद्भुत रहस्यमई घटनाए-Abraham Lincoln se Judi adbhut rashasmai ghatnayen

Abraham Lincoln se Judi adbhut rashasmai ghatnayen

अब्राहम लिंकन से जुड़ी अद्भुत रहस्यमई घटनाए

भारतीय अध्यात्मवादियों का विचार है कि ईश्वर बार-बार अलौकिक अवतार धारण करता है और वह भी गमराहों को सही रास्ता दिखाने के लिए। इसलिए इन अवतारों की श्रृंखला में एक जैसे ही काम होते देखे गए हैं। कई बार लोगों की आदतों और कार्यकलापों में बड़ी विलक्षण समानताएं पाई जाती हैं, किन्तु वे विलक्षणताएं जो अक्सर देखने में आती हैं, साधारण कोटि की ही होती हैं। 

निश्चय ही आप शीर्षक पढ़कर चौंक रहे होंगे किन्तु चौंकने की आवश्यकता नहीं है। जिन व्यक्तिओं की समानता का वर्णन हम कर रहे हैं वे साधारण व्यक्ति थे। किन्तु विचित्र बात यहां पर यह है कि दोनों के राष्ट्रपति बनने के कार्यकाल में सौ वर्ष का अन्तर है। बेशक दोनों के राष्ट्रपति बनने के कार्यकाल में सौ वर्ष का अन्तर है किन्तु दोनों की समानताएं भी बड़ी विलक्षण हैं। 

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अब्राहम लिंकन और जॉन एफ. कैनेडी के विषय में अमेरिका के जिम विशप ने तो यहां तक कह दिया कि अमेरिका के कीर्तिमान राष्ट्रपति लिंकन ही कैनेडी थे। अत: उनके अनुसार स्पष्ट है कि लिंकन ही ने सौ वर्ष बाद कैनेडी के रूप में जन्म लिया था। अब यहां पर हम दोनों ही राष्ट्रपतियों की विचित्र समानताओं का वर्णन करने जा रहे हैं। 

जब अब्राहम लिंकन चालीस वर्ष के हुए तब उन्हें अमेरिका का राष्ट्रपति बनने की तीव्र इच्छा हुई और ठीक चालीस वर्ष की उम्र में ही राष्ट्रपति कैनेडी को भी राष्ट्रपति बनने की इच्छा हुई। लिंकन विश्व मानवता के हामी थे और विश्व में बराबर शांति स्थापना के लिए प्रयत्न करते रहे, ऐसा ही कुछ राष्ट्रपति कैनेडी के विषय में भी था। अर्थात वे भी विश्व शांति चाहते थे। 

अब्राहम लिंकन दक्षिणी अमेरिका को बहुत चाहते थे तो यह गण कैनेडी में भी था। वे भी दक्षिणी अमेरिका महाद्वीप के देशों को चाहते थे। वहां पर बाहरी हस्तक्षेप उन्हें पसन्द नहीं था। साथ ही लिंकन संयुक्त राज्य अमेरिका के दक्षिण निवासियों को काफी चाहते थे। यही हाल कैनेडी का भी था। 

नीग्रो लोगों की आजादी के लिए लिंकन ने काफी प्रयत्न किए। वे चाहत थ कि नीग्रो लोग अन्य अमेरिकियों की तरह स्वतन्त्रतापूर्वक रहें। वे इन लोगों को अन्य अमेरिकियों की तरह अधिकार दिलाने के हामी थे और ठीक यही स्थिति कैनेडी की भी रही। उन्होंने भी नीग्रो लोगों के लिए काफी प्रयत्न किए। 

लिंकन के चार बच्चे थे, जिनमें से दो मृत्यु के ग्रास बन गए थे तो दो सदैव उनके साथ रहते थे। लिंकन अपने इन दोनों बच्चों से खूब हंसी-मजाक किया करते थे। राष्ट्रपति कैनेडी के भी चार पुत्र हुए। जिनमें से दो मर गए और दो उनके साथ रहते थे।

कैनेडी भी अपने इन दोनों बच्चों से खूब हंसी-मजाक किया करते थे। इससे भी अधिक विचित्र समानता तो यह मानी जा सकती है कि लिंकन की धार्मिक मान्यताएं जहां काफी गहरी थीं, वहां कैनेडी भी कुछ कम धार्मिक विचारों के व्यक्ति नहीं थे। लिंकन हमेशा बाइबल की पुस्तक पढ़ते रहते थे तो कैनेडी भी बाइबिल पढ़ते थे। 

राजनीतिक क्षेत्र में जहां लिंकन लिबरल पार्टी से सम्बन्धित थे तो कैनेडी भी इसी पार्टी के सक्रिय सदस्य थे। सौर दल के टिकिट पर वे राष्ट्रपति बने थे। अर्थात दोनों डेमोक्रेट थे। लिंकन स्पार्श खाना पसंद करते थे तो कैनेडी भी। 

अब सौ वर्ष का पूरा अन्तर देखिए। लिंकन 1861 में अमेरिका के राष्ट्रपति बने तो केनेडी 1961 में। एक विचित्र विशेष बात यह थी कि लिंकन की सुरक्षा के लिए जो सर्वाधिक चिंतित रहने वाला व्यक्ति था उसका नाम भी कैनेडी था और जॉन कैनेडी की सुरक्षा के लिए चिंतित रहने वाले उनके प्राइवेट सेक्रेटरी का नाम भी लिंकन था, यानी बिल्कुल उल्टा हिसाब। 

लिंकन की मृत्यु शुक्रवार के दिन हुई थी तो कैनेडी भी इसी दिन दिवंगत हुए। इससे भी अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों ही पिस्तौल की गोली के शिकार हुए थे। सबसे अधिक असमंजस में डालने वाली बात तो यह थी कि लिंकन की मृत्यु के बाद दक्षिणी उपराष्ट्रपति जॉनसन ने राष्ट्रपति लिंडन बी. जॉनसन से ही राष्ट्रपति का पद सम्भाला था। 

दोनों भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों की इन विचित्र समानताओं का आशय लन्दन से प्रकाशित ‘मिरर’ नामक समाचार पत्र ने गवेषणात्मक तरीके से प्रकाशित किया था। अत: कई बार तो लोग यहां तक सोच बैठते हैं कि लिंकन ने ही कैनेडी के रूप में जन्म लिया था जिसके कारण दोनों में भारी समानता थी।

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