अकबर बीरबल की एक छोटी सी कहानी?-असली सुंदरता कहां?

अकबर बीरबल की एक छोटी सी कहानी?

अकबर बीरबल की एक छोटी सी कहानी?-असली सुंदरता कहां?

एक दिन, अकबर बहुत थके हुए थे और वे अपने काम से कुछ समय निकाल कर, कहीं विश्राम करना चाह रहे थे। वे बीरबल को अपने साथ बाग की सैर के लिए ले जाना चाह रहे थे। उन्होंने कहा, “बीरबल! मैं बाग में कुछ समय एकांत में बिताना चाहता हूं। मेरी इच्छा है कि तुम भी मेरे साथ चलो। आपसी बातचीत होने से मन को अच्छा महसूस होगा।” बीरबल बोले, “आपने ठीक कहा जहांपनाह, ताजी हवा और आपसी बातचीत से आपको आराम मिलेगा।” 

वह एक खुशनुमा दिन था। मौसम सुहावना होने के कारण ठंडी हवा । चल रही थी। अकबर के बाग में बहुत सुंदर फूल लगे हुए थे। जिन्हें देख कर मन प्रसन्न हो जाता। जब अकबर और बीरबल बाग में सैर कर रहे थे तो अकबर अचानक एक कमल के फूल के पास ठिठक कर बोले, “बीरबल! इस सुंदर फूल को तो देखो। यह प्रकृति माता की देन है। क्या यह सबसे सुंदर नहीं है? दरअसल प्रकृति के हाथों बनी हर चीज सुंदर होती है। तुम्हें क्या लगता है?”

बीरबल बोले, “जहांपनाह, यह आवश्यक नहीं कि केवल प्रकृति की रचना ही सबसे सुंदर हो। मनुष्य के हाथों बनी वस्तुएं भी सुंदर होती हैं। वे भी प्रशंसा के योग्य होती हैं।” अकबर बीरबल की बात मानने को तैयार नहीं हुए। उनका कहना था कि कुदरत की कारीगरी का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। वे बीरबल से बोले, “ठीक है, मैं तुम्हें एक चुनौती देता हूं, मुझे मनुष्य के हाथों बनी एक वस्तु दिखा दो। जिसकी मैं इस फूल की तरह ही प्रशंसा कर सकू।” बीरबल ने चुनौती स्वीकार कर ली और एक दिन का समय मांगा। 

अकबर बीरबल की एक छोटी सी कहानी?-असली सुंदरता कहां?

अगले ही दिन बीरबल अपने साथ एक व्यक्ति को दरबार में लाए, जो मूर्तियां बनाता था। मूर्तिकार को अकबर से मिल कर बहुत प्रसन्नता हुई। वह अपने साथ पत्थर पर तराशे गये, फूलों का गुलदस्ता भी लाया था। 

उसने बादशाह को गुल वह गुलदस्ता संगमरमर से बना था। उसने बादशाह को गुलदस्ता भेंट किया। गुलदस्ते में कई तरह के फूलों को बहुत ही खूबसूरती से तराशा गया था। चंपा, गुलाब, चमेली और गेंदे के फूलों की सुंदरता तो असली फूलों को भी मात दे रही थी। अकबर यह देख कर हैरान रह गए कि मनुष्य के हाथों बनी कोई वस्तु भी इतनी सुंदर हो सकती है। वे उस सुंदर गुलदस्ते को देख बहुत प्रसन्न हुए और मूर्तिकार की प्रशंसा की। अकबर ने मूर्तिकार को सोने के सिक्के भी इनाम में दिए।

अकबर बीरबल की एक छोटी सी कहानी?-असली सुंदरता कहां?

उसी शाम, जब माली के बेटे ने अकबर और बीरबल को बाग में सैर करते हुए देखा, तो वह बादशाह के पास आया और उन्हें एक सुंदर सा फूल उपहार में दिया। अकबर ने बड़ी खुशी से उसका उपहार ले लिया और उसे चांदी के पांच सिक्के इनाम में दिए। बीरबल एक कोने में खड़े सब देख रहे थे। उन्होंने कहा, “जहांपनाह, क्या आपको नहीं लगता कि कुदरत और मनुष्य, दोनों के ही हाथों बनी चीजें सुंदर होती हैं? मैं देख सकता हूं कि आपने दोनों को ही सराहा है। हालांकि, मेरा मानना है कि आज आपके हाथ में जो फूल है, मूर्तिकार के गुलदस्ते में तराशा गया फूल इससे कहीं अधिक सुंदर था।”

अकबर बीरबल की बात से पूरी तरह से सहमत हुए और उनकी स्पष्ट सोच के लिए प्रशंसा की।

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