स्वदेश दर्शन योजना पर निबंध Essay on Swadesh Darshan Scheme

(Swadesh Darshan Scheme) 

स्वदेश दर्शन योजना पर निबंध | Essay on Swadesh Darshan Scheme   स्वदेश दर्शन योजना (Swadesh Darshan Scheme)               

स्वदेश यानी ‘अपना देश’ और दर्शन यानी ‘प्रेम और भक्ति के भाव’ से देखना। है ना यह अद्भुत अवसर अपने उस देश को देखने का, जिसकी समृद्ध विरासत सदैव आकर्षण का केन्द्र रही है। अपने देश को देखना और समझना अनूठा आनंद प्रदान करता है और जब इसमें आध्यात्मिक संस्पर्श भी शामिल हो, तो इससे मिलने वाली विश्रांति भी अनूठी होती है। इस अनूठी विश्रांति का पथ प्रशस्त किया है केन्द्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना ने, जो कि थीम आधारित पर्यटन सर्किट के एकीकृत विकास पर केन्द्रित है। यह योजना स्वदेशियों को ही नहीं, विदेशियों को भी रिझाने वाली है, क्योंकि भारत का आकर्षण वैश्विक है। इस योजना में आध्यात्मिकता, विरासत और संस्कृति का समन्वय है, जो कि पर्यटकों के लिए अत्यंत आकर्षक है। 

भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय द्वारा वर्ष 2014-15 में ‘स्वदेश दर्शन योजना’ का शुभारंभ किया गया तथा इसके लिए कुल 600 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। पर्यटन मंत्रालय इस योजना का प्रबंधन मंत्रालय है। योजना के तहत थीम आधारित पर्यटन परिपथों (सर्किटों ) का एकीकृत विकास कर पर्यटकों को आकर्षित करना है। इसे आध्यात्मिकता का संस्पर्श देते हए थीम सर्किट के रूप में आध्यात्मिक सर्किटों की पहचान की गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य देश में पर्यटन अधोसंरचना का विकास कर पर्यटन को प्रोत्साहित करना है। 

स्वदेश दर्शन योजना के तहत जिन थीम आधारित परिपथों का एकीकृत विकास पर्यटन स्थलों को आकर्षक बनाने के उद्देश्य से किया जाना है, वे हैं–पूर्वोत्तर भारत परिपथ, बौद्ध परिपथ, हिमालय परिपथ, तटीय परिपथ, कृष्ण परिपथ, मरुस्थल परिपथ, जनजातीय परिपथ, पर्यावरण परिपथ, वन्यजीव परिपथ, ग्रामीण परिपथ, आध्यात्मिक परिपथ, रामायण परिपथ और धरोहर परिपथ। यकीनन – ये परिपथ वैविध्यपूर्ण हैं और पर्यटकों को आकर्षित करने वाले हैं। – इनमें से हर एक का अपना अलग महत्त्व है। 

इसमें कोई दो राय नहीं है कि स्वदेश दर्शन योजना से विषय | आधारित पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा। इस योजना के तहत जहां | पर्यटन स्थलों की मूलभूत सुविधाओं में सुधार होगा, वहीं सड़क एवं परिवहन सुविधाओं, रेलवे, नागरिक उड्डयन और कौशल विकास आदि पर ध्यान केन्द्रित किया जाएगा। यह एक व्यापक योजना है, जिससे न सिर्फ पर्यटन स्थल विकसित होंगे, बल्कि इनका रख-रखाव भी बेहतर ढंग से किया जाएगा। यह एक सुचिंतित योजना है। इसके तहत जहां बौद्ध परिपथ के महत्त्वपूर्ण स्थलों को हेलीकॉप्टर सेवा से जोड़ा जाएगा, वहीं पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से रेलगाड़ियों में पर्यटकों के लिए अलग से विशेष प्रकार के डिब्बों का बंदोबस्त किया जाएगा। ठहराने जैसी आधारभूत बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा, तो पेयजल, पार्किंग, स्नानागार, शौचालय, साफ-सफाई, बिजली और सुरक्षा की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। सुविधाओं की निगरानी के लिए केयर टेकरों की व्यवस्था की गई है। महिला पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष रूप से गाइड के रूप में महिलाओं को प्रशिक्षित किया जाएगा। 

स्वदेश दर्शन योजना भारत के लिए अत्यंत लाभकारी है। इससे देश में पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी। इससे राजस्व बढ़ेगा और पर्यटन उद्योग को बल मिलेगा। ध्यातव्य है कि अभी भारत के जी डी पी (GDP) में पर्यटन का योगदान 6.8% ही है, जो कि इस योजना से बढ़ने की संभावना है। इससे भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। इस योजना से पर्यटन स्थलों की काया पलटेगी और वे विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस होंगे। इस योजना की एक खास बात यह भी है कि इसमें गरीबों के हित में पर्यटन के दृष्टिकोण और समुदाय आधारित विकास पर ध्यान केन्द्रित किया गया है, जिसका लाभ गरीबों और समुदायों को मिलना तय है। इससे स्थानीय समुदायों के बीच आय के स्रोतों में वृद्धि होगी, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार होगा तथा वे पर्यटन के महत्त्व को भी समझेंगे। योजना के दायरे में आने वाले क्षेत्रों में आजीविका और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। इससे आर्थिक विकास को गति मिलेगी। इतना ही नहीं, स्थानीय कला, संस्कृति, हस्तशिल्प एवं खान-पान को भी प्रोत्साहन मिलेगा। यह योजना पर्यटकों को संतुष्ट भी करेगी, क्योंकि इससे जहाँ पर्यटकों को ‘थीमेटिक अनभव’ रोमांचित करेगा, वहीं वे उच्च कोटि की सुविधाओं का लाभ भी उठा सकेंगे। 

आज पर्यटन एक लाभकारी उद्योग बन चुका है। ऐसे में ‘स्वदेश दर्शन योजना’ इसे और लाभकारी बनाकर हमारी अर्थव्यवस्था को संबल प्रदान करेगी। हम पर्यटन के क्षेत्र में वैश्विक मानक स्थापित कर सकेंगे और विश्व के पर्यटन मानचित्र पर भारत की स्थिति को और सुदृढ़ बना सकेंगे। इससे हमारी संस्कृति और सभ्यता का प्रचार-प्रसार होगा और देशी-विदेशी पर्यटकों में भारत को देखने की ललक बढ़ेगी। इससे जहां देश के पर्यटन स्थलों का पुनरुद्धार होगा, वहीं इन पर्यटन स्थलों में रहने वाले स्थानीय लोग भी लाभान्वित होंगे। सबसे अच्छी बात तो यह है कि स्वदेश दर्शन योजना विषय आधारित है, जो कि रुचि के अनुरूप पर्यटकों को अनेकानेक विकल्प भी उपलब्ध कराती है। यानी पर्यटक रुचि के अनुरूप सैर-सपाटे का लुत्फ उठा सकेंगे। विषय आधारित पर्यटन का रोमांच ही अलग होता है, जिससे यह योजना पर्यटकों को दो चार कराएगी। 

यकीनन स्वदेश दर्शन योजना, जो कि भारत दर्शन की विषय आधारित अनूठी योजना है, भारत में पर्यटन और पर्यटन स्थलों का कायाकल्प तो करेगी ही, पर्यटकों को आकर्षित कर उन्हें अनूठा अनुभव भी कराएगी। इससे देशी और विदेशी पर्यटक अच्छी संस्था से जुड़ेंगे और विषय आधारित परिपथों का भ्रमण कर भारत की समृद्ध विरासत की अनुभूति करेंगे। 

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